सफेद इश्क ❤️❤️ - Chapter 52
लगभग आधे घंटे बाद रुद्र की गाड़ी मॉल के सामने आकर रूकी,, वो जल्दी से गाड़ी से बाहर निकला और अन्दर की तरफ बढ़ गया,, प्रवीण और उसके गार्ड भी उसके पीछे ही थे,,रुद्र जल्दी से उस एरिया में जाता है यहां पर उसकी दादी और चाची के साथ साथ वसुंधरा जी खडे थे,, यहां दादी और चाची के चेहरे पर आस्था के गायब होने की वजह से परेशानी और चिंता दिखाई दे रही थी वहीं वसुंधरा जी बिना किसी भाव के वैसे ही वहां खड़ी थी पर अन्दर ही अन्दर वो आस्था के गायब होने से खुश हो रही थी और चाहती थी कि आस्था कभी ना मिले,,,पर इन्हें नहीं पता कि रुदर आस्था के लिए किस हद तक पागल और जुनूनी हो चुका है वो किसी भी हालत में आस्था को ढूंढ ही लेगा और जिसने उसकी आस्था को उससे दूर करने की कोशिश की है उसे तो वो छोड़ेगा नहीं,,,,
रुद्र को देख दादी और चाची जल्दी से उसके पास आते हैं और दादी परेशानी में बोलती है,,
दादी:- रुद्र बेटा देख ना आस्था मिल नहीं रही ,,, तू कुछ भी कर बस हमारी बच्ची को जल्दी से ढूंढ कर हमारे पास ला पता नहीं कहां होगी वो,,
रुद्र ने अपने सीने से लगा लेता है और उन्हें शांत करवाते हुए बोलता है
रूद्र:- दादी आप शान्त हो जाइए,, कुछ नहीं होगा उन्हें मैं हूं ना मैं उन्हें सही सलामत घर लेकर आऊंगा,, आप तब तक चाची के साथ घर जाइए वरना आपकी तबियत खराब हो जाएगी,,,
Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.