सफेद इश्क ❤️❤️ - Chapter 11
रुद्र के जाने के बाद आस्था दरवाजे की तरफ देखती रही, रुद्र का उससे इतने प्यार से बात करना और उसे समझाना आस्था को बहुत अच्छा लग रहा था, वो रुद्र के बारे में सोचते हुए बोली,
आस्था:- मैं यह तो नहीं कहती कि एकदम इस रिश्ते को अपना लूंगी क्योंकि यह हम दोनों के लिए मुमकिन नहीं है, हां, पर मैं कोशिश जरूर करूंगी इस रिश्ते को दिल से निभाने की, मेरे अपने जिन्हें मैं अपना समझती थी पर उन्होंने कभी मुझे अपना नहीं समझा पर आप अजनबी होकर भी आपने मेरी मदद की , मेरे लिए मेरे अपनों से लड़े , यहां सब मुझे विधवा कह कर मनहूस समझते थे आपने मेरी मांग में अपने नाम का सिन्दूर भर कर मुझे फिर एक सुहागन होने का सौभाग्य दिया, मैं वायदा करती हूं कि मैं आपको कभी कोई शिक़ायत का मौका नहीं दूंगी, और आपको वो सारी खुशियां देने की कोशिश करूंगी जो एक पत्नी अपने पति को दे सकती है,
यह बोल वो फिर रुद्र के बारे में सोचने लगी, तभी एक मेड अन्दर आई और कुछ बैग सोफे पर रखते हुए बोली,
मेड:- मैडम यह सर ने आपके लिए भेजे है, आप जल्दी से फ्रेश हो जाइए तब तक मैं नाश्ता लगाती हूं,
आस्था ने हां में गर्दन हिलाई, वो मेड वहां से चली गई, आस्था उठी और जाकर उन बैग्स को खोल कर देखने लगी, अन्दर का सामान देखकर कर वो थोड़ी परेशान हो गई, क्योंकि उन बैग्स के अन्दर बहुत साड़ियां थी , सभी साड़ियां कलरफुल थी, दो साल से आस्था सिर्फ सफेद रंग ही पहनती आई थी ऐसे एकदम से कलरफुल कपड़े देखकर वो परेशान हो गई,
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