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Chapter 46

सफेद इश्क ❤️❤️ - Chapter 46

लगभग आधे घंटे बाद रुद्र की कार एक सुनसान जगह आकर रुकी,, सामने एक घर था जो जंगल के बीचों बीच बना हुआ था,,, उस घर के बाहर बहुत सारे गार्ड्स थे जिनके हाथों में बड़ी बड़ी बंदूकें थी,,

रुद्र गाड़ी से बाहर आया और एक नजर सब तरफ देख अन्दर की तरफ बढ़ गया,, प्रवीण भी उसके पीछे ही था,,, रुद्र आकर एक दरवाजे के सामने खड़ा हुआ तो गार्ड जो वहां खड़ा था उसने दरवाजा खोल दिया,, रुद्र अन्दर की तरफ बढ़ गया,,, प्रवीण ने भी गहरी सांस ली और अन्दर की तरफ बढ़ गया ,, रुद्र ने अन्दर आकर देखा तो सामने एक इंसान बेड़ियों से जकड़ा हुआ था,, जिसके चेहरे शरीर पर जगह जगह चोटों के निशान थे जिनमें से खून निकल रहा था,, उसे देख ऐसा लग रहा था जैसे उसे बहुत टोर्चर किया गया हो,, इस वक्त वो इंसान बेहोश था ,,

रुद्र ने प्रवीण को कुछ इशारा किया जिसे समझ प्रवीण ने वहां खडे गार्ड को कुछ बोला जिसे सुनकर वो गार्ड वहां से चला गया,, पांच मिनट बाद वो गार्ड वापिस आया तो उसके हाथ में एक बाल्टी थी जिसमें पानी भरा था,,, उसने वो पानी उस इंसान के ऊपर एक झटके से डाल दिया जिससे वो इंसान हड़बड़ा कर उठ गया पर जख्मों पर गर्म पानी लगने से उसकी चीख निकल गई उसे बहुत दर्द हो रहा था,,

उसने नजर उठाकर सामने देखा तो आंखों और चेहरे पर डर छा गया क्योंकि सामने रुद्र खड़ा अपनी लाल आंखों से उसे ही देख रहा था,, रुद्र को देख प्राग की हालत खराब हो गई,, जी हां यह कोई और नहीं प्राग था जिसे रात में ही रुद्र के गार्ड्स उठाकर यहां ले आए थे और तब से उसे टोर्चर कर रहे थे,,

रुद्र चलते हुए उसके पास गया और उसके सामने बैठ गया,, उसने उसका चेहरा अपने हाथों में भींचा और अपनी सर्द आवाज में बोला

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