हां इश्क़ है मुझे भी - Chapter 49
ईशानी ने इस बीच एक बार भी नजर उठा कर आहान की तरफ नहीं देखा था वो जल्दी से जल्दी आहान की नजरों के सामने से हट जाना चाहती थी इसलिए फटाफट अपना नाश्ता खत्म करके जैसे ही डाइनिंग टेबल से उठते हुए जाने के लिए बोलती है,,,,,,
तभी अहान की नाराजगी भरी आवाज गूंजती है,,,,,
आहान : रुको .....!! बैठो यही.....!! क्या एटिकेट्स नाम की चीज नहीं है....? इस तरह उठाना मैनर्स के अगेंस्ट होता है.....!!
ईशानी : आई नो बट मैं लेट हो रही हूं.....!! बोलकर मां ही मन में बड़ाबड़ाती हैं,,,, मैनर्स .....!! खुद तो उसको बेच कर लाल मिर्च खरीद कर खा गए और अब उसी मिर्ची का असर है ये जली कटी झुलसी जुबान ...!!
वहीं दूसरी तरफ आहान पर उसकी बात का कोई असर नहीं होता वो एक नजर ईशानी को घूरकर देखता है और अपनी प्लेट में मगन हो जाता है....!!
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