हां इश्क़ है मुझे भी - Chapter 35
डॉ श्याम ईशानी के सर पर हाथ रखते हुए बोलते हैं,,,, जाओ तैयारी करो समय नहीं है तुम्हारे पास जल्दी निकलो...!! यहां रुक कर हमारा झगड़ा सुनती रही तो वो तो कभी खत्म नहीं होने वाला....!!
ये सुनकर ईशानी मुस्कुरा कर दोनों को हाथ जोड़कर प्रणाम करती है और पंडित जी के साथ बाहर आ जाती है...!!
अगले दिन ईशानी एग्जाम देकर जोकि उसकी एक्सपेक्टेशन से भी अच्छा जाता है क्योंकि पेपर सेट ही ऐसे कराया था कि जो थोड़ा सा भी इंटेलीजेंट होगा वो उसे क्लियर कर लेगा फिर ईशानी तो ठहरी ब्रिलिएंट , पंडित जी के साथ सरस्वती विला जाने के लिए निकलती है तो वहीं दूसरी तरफ सरस्वती जी अपने नाखून चबाते हुए परेशान हाल में इधर से उधर घूम रही होती है क्योंकि अभी-अभी आहान नाम का बम ठीक उनके कान में ब्लास्ट हुआ था....!! और जिसका असर उनके सिर पर ज्यादा हुआ था....!! सर चकरा रहा था ये सोच सोच कर कि अब वो कैसे पंडित जी को दिया वचन निभाएंगी....??
जहां उन्होंने ईशानी को ये कहकर समझा दिया था कि वो अपने पोते को बोल देंगी कि उन्होंने नर्स रख ली है और उनका पोता मान जाएगा और उन्हें ऐसा लगा भी था लेकिन आहान ने उनकी सारी चालाकियों की हवा निकालते हुए अभी 2 मिनट पहले फोन करके कहा कि वो शाम की बजाय रात की फ्लाइट से निकलेगा और एक बार नर्स का खुद इंटरव्यू जरूर लेगा क्योंकि 15 दिन के लिए वो हिंदुस्तान से बाहर जा रहा है और क्योंकि इस बार आयुष भी उसके साथ जा रहा है और डैड ऑलरेडी यू.एस. गए हुए हैं ऐसे में वो सरस्वती जी की हेल्थ को लेकर रिस्क नहीं ले सकता वो खुद नर्स से पर्सनली मिलकर ही जाएगा......!! अब क्या बोलकर ईशानी को समझाएंगी और कैसे आहान को समझाएंगी क्योंकि एक तरफ जहां ईशानी भी अपने उसूल की पक्की थी जैसा कि पंडित जी ने बताया था अपनी क्वालिफिकेशन को लेकर झूठ नहीं बोलेगी तो दूसरी तरफ आहान भी किसी कीमत पर उनकी हेल्थ को लेकर कंप्रोमाइज नहीं करेगा! उन्होंने तो अहान से बोला था कि उन्होंने डॉ श्याम से बोलकर एक बहुत एफिशिएंट फुल टाइम नर्स रख ली है जबकि ईशानी मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी ना तो वो पूरी तरह नर्स बन पाई थी और ना ही पूरी तरह डॉक्टर! ऐसे में आहान उसे रिजेक्ट कर देगा और अगर आहान के सामने ईशानी ने अपने मेडिकल की पढ़ाई को लेकर और कॉलेज में एडमिशन को लेकर सच बोल दिया तो उनकी चालाकी आहान के सामने आ जाएगी दरअसल किसी भी डिजर्विंग स्टूडेंट को फ्री एजुकेशन जैसा कोई प्रोविजन उनके कॉलेज में था ही नहीं सिर्फ ईशानी की मदद करने के लिए उन्होंने ये कहानी बनाई थी....!! अब अगर आहान के सामने सरस्वती जी का ये ड्रामा आएगा तो आहान बुरी तरह नाराज हो जाएगा....!!
अब बात सिर्फ ईशानी को जॉब पर रखने की नहीं थी अपनी पोल पट्टी खुलने का डर भी सरस्वती जी को सता रहा था....!! बेशक आहान सरस्वती जी की अक्सर सभी बातें मान लेता था (बस एक लड़की देखना और शादी करने को छोड़कर)लेकिन झूठ आहान को बर्दाश्त नहीं था.....!!
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