हां इश्क़ है मुझे भी - Chapter 42
ईशानी ने सरस्वती जी को जो तरीका बताया था उसे सुनकर सरस्वती जी जो पहले ही खुश थी ये सुनकर कि आहान ईशानी के प्लान के हिसाब से जल्दी आ जाएगा खुश होकर ईशानी को अपने गले लगा लेती है .....!! और ईशानी के गले लगे हुए धीरे से बोलती हैं,,,,,,,, वैसे ईशू तुम्हारा शादी के बारे में क्या ख्याल है......??
ये सुनते ही ईशानी चिहुंक कर सरस्वती जी से अलग होकर सरस्वती जी के माथे पर छूते हुए बोलती है ,,,,,,,,,, दादी मां आपकी तबीयत तो ठीक है ना....?? मैरिज ब्यूरो खोलने का इरादा तो नहीं है.....?? आपके अनु जी की बात समझ में आती है प्रोफेशनली सेटल है मुझे अभी सेटल होना है मुझे अपना मेडिकल कंप्लीट करना है, तो प्लीज़ आप अभी अनु जी के लिए लड़की ढूंढिए मैं कहीं नहीं जा रही हूं.....!! हां अगर आप नहीं चाहती कि मैं आपके पास रहूं तो बोल दीजिए....!!
ये सुनते ही सरस्वती जी ईशानी की चिन पड़कर हिलाते हुए बोलती है पगली मैं तो तुझे हमेशा के लिए अपने घर में रखने की बात कर रही हूं, अनु की दुल्हन बनाकर....!!
ये सुनकर ईशानी खिल खिला कर हंस देती है और हंसते हुए बोलती है ,,,,,,दादी मां उम्र का असर हो गया है आपकी आंखों पर....!! जैसे आप अपने पोते की तारीफ के पुल बांधती हैं तो आई एम श्योर बहुत हैंडसम होंगे....!!
ये सुनते ही सरस्वती जी चहक कर बोलती है ,,,,,हां हैंडसम तो है मेरा अनु अरे पूरी फिल्म इंडस्ट्री में ऐसा हीरो नहीं है। ना बॉलीवुड में ना हॉलीवुड में
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