हां इश्क़ है मुझे भी -(दोस्ती में धोखा) Chapter 22
अविका :तूने अपनी कहानी में बताया था ना कि उसकी गर्लफ्रेंड है शिखा उसका नंबर है ना तेरे पास चल तो उसे बुला.....!!
ईशानी तुरंत शिखा को कॉल करती है तो कॉल कनेक्ट ही नहीं होती.....!!
ईशानी बार-बार कॉल मिलती है लेकिन फोन नहीं लगता.....!!(फोन लगता भी कैसे हैं फोन पर सोहम के विधायक अंकल ने विनय की जिंदगी का हवाला देकर ही शिखा को बुलाया था और विनय को अपने जान पहचान के एक नर्सिंग होम में इस शर्त पर एडमिट करवाया था कि शिखा इस सब के बारे में मुंह बंद रखेगी अगर उसने मुंह खोला या किसी से भी बात की तो विनय नहीं बचेगा ! ईशानी को बचाने में विनय कामयाब हो गया अब विनय को बचाना तुम्हारे हाथ में है ! मुझे नहीं पता था कि यहां पर ये बच्चे इतना बड़ा तमाशा करने वाले हैं ! लेकिन अब क्योंकि गलती हो गई है तो इस तमाशे से मेरी इमेज पर फर्क नहीं पड़ना चाहिए ! अपनी इमेज बचाने के लिए मैं किसी भी हद तक जा सकता हूं! तुम और विनय अपना मुंह बंद रखोगे तो जिंदा भी रहोगे और तुम्हें इस शहर से दूर कहीं अच्छी सी नौकरी दिलवा दूंगा.....!! तो मजबूर होकर शिखा अपना फोन स्विच ऑफ कर लेती है)
नेहा : क्या हुआ.....?? फोन लग नहीं रहा है .....??
ईशानी बेबसी से ना में गर्दन हिलाती है तो अविका खिल्ली उड़ाते हुए बोलती है फोन लगेगा कैसे कोई शिखा नाम की होगी तभी तो लगेगा.....!! बोलकर अविका ईशानी के हाथ से उसका फोन गुस्से में छीनती है और उसे जमीन पर देकर मारते हुए बोलती है,,,,,,, बंद कर कहानी बनाना.....!! मान क्यों नहीं लेती जो सोहम ने कहा वही सच है और अब अपने गंदे इरादों को छुपाने के लिए तू सोहम के साथ-साथ मुझ पर भी ऐसे घटिया और गिरे हुए इल्जाम लगा रही है....!! मैं क्या समझती थी तुझे और तू क्या निकली.....?? बोलते हुए अविका सिसकियां लेकर रोने लगती है.....!!
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