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Chapter 41

हां इश्क़ है मुझे भी - Chapter 41

ईशानी जरूर बताऊंगी पहले आप ये बताइए आज ऐसा क्या बोल दिया अनु जी ने कि आप इतना उखड़ गई .....??शादी के लिए तो वो पहले भी मना करते रहे हैं।

सरस्वती जी अब ईशानी को बताना शुरू करती हैं........

सरस्वती जी : मैंने कहा 5 दिन बाद तू आने वाला है तो इस बार मैं तेरी बिल्कुल नहीं सुनूंगी इस बार तुझे मेरी पसंद की हुई लड़कियों में से किसी एक को पसंद करके शादी के लिए हां बोलना ही पड़ेगा। इस बार जैसे ही सर्दियों में देव उठऐगे तो पहले ही मुहूर्त में तेरी शादी करवा दूंगी तो बोलता है,,,,, इतनी जल्दी मुझे शादी नहीं करनी है......!!

तुम ही बताओ ईशानी 6 महीने बाद देव उठेगे उसे जल्दी लग रही है....!! अरे एक हार्ट अटैक मुझे आ चुका है जिंदगी का मेरी  कोई भरोसा नहीं है अपने दोनों पोतो के घर बसते देख लूं तो इतना चाहना क्या मेरी गलती है.....?? (सरस्वती जी इस तरह रूठते हुए बोलती हैं जैसे आहान सामने बैठा हुआ है......!!)

बस मेरा इतना कहना था तो बोला,,,,,, दादी मां आपको मेरा सुकून पसंद नहीं है क्या.....?? जो शादी के नाम का फंदा मेरे गले में डालकर उसमें वाइफ नाम की घंटी लटका देना चाहती है .....??

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