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Chapter 25

हां इश्क़ है मुझे भी - Chapter 25

आयुषी : मेरा वो मतलब नहीं है आयुष !मुझे यकीन है तुम कुछ ना कुछ कर ही लोग बिजनेस भी ज्वाइन नहीं करोगे तो भी मुझे अच्छे से रख लोगे इतना यकीन है मुझे तुम्हारी काबिलियत पर लेकिन अपने भाई की शादी कराओ ना यार भाई की शादी नहीं होगी तो हम दोनों की शादी की बात आगे कैसे बढ़ेगी....??

आयुष :गार्जियन हूं ना मैं तो उनका तुम तो मुझे ऐसे कह रही हो जैसे मैं कहूंगा बेटा आहान शादी कर लो और भाई बैठ जाएंगे शादी करने....!! जुबान खुलती नहीं है मेरी उनके आगे और तुम चाह रही हो कि मैं बब्बर शेर की शादी की बात करके उनकी दुम पैर पर रख दूं....!! अरे दादी मां कब से एक हाथ में सेहरा और दूसरे हाथ में लड़कियों की फोटो लेकर उनके पीछे घूमती रहती है उनके लपेटे में तो आ नहीं रहे...!!

आयुषी  :प्रॉब्लम क्या है उन्हें......??

आयुष : समय समय नहीं है शादी जैसे रवीश चीज के लिए उनके पास....!!

आयुषी  :व्हाट ....??शादी और रबिश.....??

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