Welcome back, Story Creator!

Keep writing amazing stories. Your readers are waiting, Creator.

Chapter 27

हां इश्क़ है मुझे भी - Chapter 27

अब तक सरस्वती जी भी कार का दरवाजा खोलकर कार से उतर जाती है सरस्वती जी को कार से उतरते देख अहान गहरी सांस लेकर खुद के गुस्से को कंट्रोल करता है और.......

सरस्वती जी से बोलता है दादी मां आप क्यों कर रही हैं आप बैठिए ना.....!!

सरस्वती जी : क्या हुआ अनु बैग नहीं मिल रहा चोरी हो गया क्या.....??

आहान : नहीं दादी मां चोरी कैसे होगा आयुष था ना कार के पास तो ऐसे कैसे चोरी हो सकता है....?? मुझे याद आया दरअसल मैं घर पर ही भूल आया.....!! आप कार में वापस बैठिए आयुष आपको आपकी सहेली के घर छोड़ कर आएगा...!! बैग मै ले आऊंगा ........!!

सरस्वती जी :ये गलत बात है अनु तूने कहा था तू खुद जाएगा मुझे मेरी सहेली के पास छोड़ने...........!! तू एक काम कर ना, तू मेरे साथ चल, बैग आयुष ले आएगा...!!

This chapter is locked

Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.

Your balance: 0 diamonds
Buy Diamonds
27 / 49
Storymania AI Ready with page context
Context Open the assistant from any page to use that page as context.
AI

Tell me what you are writing. I can help with ideas, outlines, grammar, plot, pacing, and summaries.