हां इश्क़ है मुझे भी -(घर नहीं सर्कस) Chapter 23
दूसरी तरफ बेंगलुरु के आलीशान महल नुमा बंगले के हाल में आयुष काउच पर अपने एक पैर पर पैर टिकाए हुए बेचैनी से कभी अपनी घड़ी की तरफ और कभी दूर मौजूद एक रूम की तरफ देख रहा था ......!! और कभी सीढ़ियों की तरफ देख रहा था। बेचैन भी क्यों ना हो कल रात ही तो आहान ने ऑफिस ज्वाइन करने का फरमान सुनाया था....!! और बेचारा तैयार होकर आहान और सरस्वती जी का इंतजार कर रहा था.....!!
तभी उसका फोन बजता है तो वो काॅल उठा कर जैसे ही हैलो बोलता है तो सामने से एक लड़की की आवाज आती है ,,,,,,,,नर्वस हो ...??
आयुष :नहीं पार्टी मूड में हूं तो नर्वस होने का सवाल ही कहां पैदा होता है.....??
लड़की :मतलब.....??
आयुष :(थोड़ा सा खीजते हुए) क्या मतलब बताऊं....?? बताने की जरूरत है अरे फटी पड़ी है मेरी.....!! भाई के साथ पहली बार मीटिंग अटेंड कर रहा हूं ऊपर से आज की मीटिंग लीड करने के लिए बोला है.....!!
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