Welcome back, Story Creator!

Keep writing amazing stories. Your readers are waiting, Creator.

Chapter 19

हां इश्क़ है मुझे भी - Chapter 19

इतना सुनते ही वह चारों लड़के मुस्कुराते हुए जैसे ही अपना कदम आगे बढ़ते हैं तभी विनय अपने हाथ में पकड़ी हुई रोड उन चारों के सामने करके चारों को अचानक से धक्का दे देता है और चिल्लाता है शिखा ईशानी को लेकर भागो.....!!

ये सुनते ही शिखा ईशानी का हाथ थामती है और उसे खींचते हुए दौड़ने लगती हैं ,ईशानी भी शिखा के साथ दौड़ने लगती है लेकिन जैसे ही कॉरिडोर के कोने पर जाती हैं और पलट कर देखती है कि वो चारों लड़के उठकर विनय को मारने लगते हैं....!!

ये देख ईशानी के कदम ठहर जाते हैं और वो शिखा से बोलती हैं,,,,,,,, शिखा वो लोग मार डालेंगे विनय को.....!!

शिखा ईशानी का हाथ खींचते हुए बोलती है ,,,,,,ईशानी चलो यहां से ....!!उनका मकसद विनय को मारना नहीं है.....!! तुम्हारे साथ गलत करना है .....!!तो चलो वरना विनय की तुम्हें बचाने की कोशिश बेकार जाएगी! प्लीज़ ईशानी...!!विनय ने मुझे कसम दी थी कि तुम्हें हर हाल में सुरक्षित लेकर जाना है।

यहां हमारी कोई मदद नहीं करेगा ये फार्म हाउस यहां के विधायक का है मैने विनय के मना करने के बावजूद उन्हें फोन करके बोला था कि यहां पर कुछ बहुत गलत होने वाला है, वो रोक ले वरना आपकी इमेज खराब हो जाएगी .....!! उन्होंने कहा था कि मैं किसी भी तरह तुम्हें सुरक्षित इस फार्महाउससे दूर ले जाऊं....!! और साथ ही इस बात का जिक्र किसी से भी ना करने के लिए कहा था.....!! क्योंकि किसी भी हालत में वो अपना नाम खराब नहीं होने देना चाहते हैं! अगर किसी को भी इस बारे में पता चला तो फिर वो हमारी कोई मदद नहीं करेंगे बल्कि वही करेंगे जिससे उनकी छवि खराब ना हो,दबे शब्दों में धमकी थी , ऐसा कह सकती हो तुम....!!! विधायक जी थोड़ी देर में पहुंचते ही होंगे

This chapter is locked

Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.

Your balance: 0 diamonds
Buy Diamonds
19 / 49
Storymania AI Ready with page context
Context Open the assistant from any page to use that page as context.
AI

Tell me what you are writing. I can help with ideas, outlines, grammar, plot, pacing, and summaries.