हां इश्क़ है मुझे भी - Chapter 34
ईशानी नर्स के साथ अस्पताल की किचन में पहुंचती है और सरस्वती जी के लिए कुछ हेल्दी के साथ साथ टेस्टी सा बनाने लगती है....!!
दूसरी तरफ पंडित जी ईशानी के साथ क्या हुआ ये ना बताकर क्योंकि इतनी लंबी चौड़ी कहानी सुनाने का समय नहीं था ईशानी के वापस लौटने का डर था , ईशानी की तारीफ करते हुए एक झूठी,शाॅर्ट और इंस्टेंट कहानी सुनाते हुए बोलते हैं ,,,,,,,,,, बेहद प्रतिभाशाली लड़की है लेकिन घर वाले थोड़े पढ़ाई के खिलाफ है उनका मानना है कि लड़की को थोड़ा बहुत पढ़ाओ और शादी कर दो...!! जैसे ही लड़का मिला उसकी पढ़ाई छुड़ाकर शादी कर देना चाहते थे लड़का क्या 50 साल का आदमी था उसके बच्चे भी इस बच्ची से उम्र में बड़े थे ....!! दरअसल सौतेली मां जल्दी से जल्दी उसकी शादी करके छुटकारा पा लेना चाहती थी....!! ये आगे पढ़ना चाहती थी और अपनी मेडिकल की पढ़ाई पूरा करना चाहती थी ! एमबीबीएस के 3 साल भी निकल गए थे ! शादी नहीं करनी थी इसलिए घर से भाग आई....!! अपनी कहानी किसी को बताना पसंद नहीं करती किसी से मदद भी नहीं लेना चाहती ....!! लेकिन अपना सपना जरूर पूरा करना चाहती है। जिस कॉलेज में पढ़ती थी उसमें पढ़ाई नहीं कर सकती क्योंकि फिर इसके पेरेंट्स इसे ढूंढ लेते और जबरदस्ती ले जाते और ले जाकर इसकी शादी करवा देते। कहती है डॉक्टर नहीं बन पाई तो क्या नर्स बन जाऊंगी। उद्देश्य तो दुखी लोगों की सेवा करना है जैसे भी हो जाए। बड़ी मुश्किल से अपनी कहानी मुझे बताई....!! किसी को ना अपनी परेशानी बताना पसंद करती है और ना हीं किसी से मदद लेने के लिए तैयार है....!! बेहद खुद्दार लड़की है....!!
सरस्वती जी : (डॉ श्याम की तरफ देखते हुए) श्याम क्या हम इस बच्ची के लिए कुछ नहीं कर सकते .....??
डॉ श्याम : मेरी तरफ मत देखो सब कुछ तुम्हारे हाथ में है मेडिकल कॉलेज के मैनेजमेंट में आहान है तो वो चाहेगा तो मैनेजमेंट कोटे से हो जाएगा ....!!
सरस्वती जी : तुम्हारी तरफ ना देखूं तो क्या करूं तुम भी तो मैनेजमेंट में हो बात करो ना ....!! मैं कौन सा मैनेजमेंट में हूं....!!
Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.