हां इश्क़ है मुझे भी - Chapter 26
ईशानी के यूं बैग उठा कर ले जाने पर कोई भी ईशानी को रोकता नहीं है क्योंकि सबको यही लगता है कि वो ईशानी का ही बैग लेकर भागा था.....!!
ईशानी जल्दी-जल्दी कदम बढ़ाकर जब वापस मंदिर के सामने पहुंचती है तो इधर ऑटो वाला उसका बैग लेकर गायब हो चुका था....!!
ईशानी आस पास पूछती है लेकिन कोई फायदा नहीं होता है इधर ईशानी उस चोर के पीछे भागी थी तो ऑटो वाला तभी फरार हो गया था....!!
अब ईशानि अपने हाथ में थामे बैग की तरफ देखती है तो उसकी नजर तुरंत जहां कार खड़ी थी उस तरफ जाती है लेकिन अब कार भी वहां नहीं थी.....!!
ईशानी झुंझला कर बोलती है,,,,,,,, कहां आ गई मैं....?? सब बस दौड़ रहे हैं .....!! किसी को कुछ होश ही नहीं है.....!! ना दूसरे के सामान की परवाह है ना खुद के ही।
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