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Chapter 19

Wife With Benefits - Chapter 19

सेक्रेटरी के ना आने की वजह से मेरे पति के दिमाग की बत्ती गुल हो गई थी। मैं कमरे में बस चहल-कदमी कर रही थी। उसे यकीन नहीं हो रहा था कि उसकी सेक्रेटरी रीवा मौके पर मना कर सकती थी। काफी देर तक चहल-कदमी करने के बाद मेरे पति ने दोबारा अपनी सेक्रेटरी रीवा को कॉल लगाया।

फ़ोन लगाते ही मेरे पति ने रीवा से कहा, “तुम ऐसा कैसे कर सकती हो रीवा..? प्लीज़ मेरे साथ मज़ाक मत करो... तुम्हें आना ही होगा।”

सामने से रीवा ने परेशान और कराहती हुई आवाज़ में कहा, “सॉरी सर, मुझ में चलने की भी हिम्मत नहीं है और अगर मैं किसी तरह से आ भी गई तो ऐसी हालत नहीं है कि मैं वहाँ पर कुछ भी बोल पाऊँ। मुझ पर दवाइयाँ भी असर नहीं कर रही हैं।”

आखिर ऐसे मौके पर मेरा पति करता भी तो क्या करता, उसकी सेक्रेटरी रीवा को लूज़ मोशन हो रहे थे। ऐसे में अगर वह उसे जबरदस्ती अपने साथ ले भी जाता तो वह वहाँ पर खुद पर कंट्रोल नहीं कर पाती और इससे इम्प्रेशन और ख़राब होता।

मेरे पति ने हल्के गुस्से भरी आवाज़ में कहा, “ठीक है तो जो भी फ़ाइलें हैं वह तुम भेज दो, अब अगर तुम मुझे फ़ाइलें भी नहीं भेज सकती हो तो कल से ऑफ़िस में मत आना।” यह कहकर उसने कॉल काट दिया।

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