Wife With Benefits Ch. 1

Wife With Benefits - Chapter 1

Posted by Aarvi Nair • Mar 05, 2025 11:32 PM

अगर आप एक लड़की हैं, तो क्या होगा यदि मैं आपसे कहूँ कि आपकी शादी किसी ऐसे लड़के से हो जो आपसे प्यार नहीं करता, फिर भी आपको 1 साल में एक बच्चा पैदा करना है?

लड़का बिलकुल भी दिलचस्पी नहीं दिखाता, और न ही आगे दिलचस्पी दिखाने की कोई संभावना है। तब आप क्या करेंगी?

क्या आप उसे ज़बरदस्ती लुभाएंगी ताकि वह आप में दिलचस्पी दिखाए और बच्चा पैदा करने में मदद करे?

यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब देना आसान नहीं है। मेरी कहानी कुछ ऐसी ही है। मैंने एक ऐसे लड़के से शादी कर ली जिसे मुझमें बिल्कुल भी दिलचस्पी नहीं है, और न ही भविष्य में वह दिलचस्पी दिखाने वाला है। फिर भी, कुछ मजबूरियों के कारण मुझे 1 साल में बच्चा पैदा करना है। मुझे नहीं पता आपको यह कहानी कैसी लगेगी, लेकिन शायद इसे लिखकर मैं अपनी ज़िंदगी का एक यादगार हिस्सा आपके सामने रख दूँगी।

मेरी कहानी की शुरुआत उस दिन से होती है जब मैं शादी की पहली रात खूबसूरत गोल्डन कलर के डीप नेक गाउन में बिस्तर पर बैठी थी। मैं खुद को इतना खूबसूरत बनाने की कोशिश कर रही थी कि मेरा पति कमरे में दाखिल होते ही मुझ पर लट्टू हो जाए और खुद पर काबू न रख पाए। इसका नतीजा मुझे 9 महीने बाद एक बच्चे के रूप में मिले। लेकिन मुझे क्या पता था कि यह रात मेरी ज़िंदगी की सबसे बेकार रात होने वाली है।

तकरीबन 2 घंटे बीत चुके थे। शादी की सारी रस्में पूरी करने के बाद मुझे इस कमरे में छोड़ दिया गया था ताकि मेरा पति आकर आगे का काम करे। लेकिन मेरे पति के आने की कोई खबर नहीं थी। खबर तो दूर की बात, मुझे तो बाहर उसकी कोई आवाज़ भी सुनाई नहीं दे रही थी। बाहर मेहमानों का शोर सुनाई दे रहा था, मगर मेरे पति की आवाज़ नहीं। आख़िरी बार जब मैं अपने पति के साथ थी, तब मैंने देखा था कि उसे कोई कॉल आया था और फिर वह चला गया था। तब से उसका कोई अता-पता नहीं है।

तरह-तरह के ख़्याल मेरे मन में आ रहे थे। जैसे कि मुझे लग रहा था मेरे पति की कार किसी दूसरी कार से टकरा गई होगी और उसका सारा खून सड़क को लाल कर रहा होगा। अगर ऐसा हुआ तो क्या होगा? मेरे पास तो कोई सफ़ेद साड़ी भी नहीं है जिसे पहनकर मैं अपने पति की मौत का मातम मना सकूँ।

सिर्फ़ इतना ही नहीं, अगर मेरे पति के साथ कुछ भी होता है तो मुझे घरवालों के ताने भी सुनने पड़ेंगे। सब मुझे मनहूस कहेंगे। कहेंगे, "कैसी मनहूस बहू है जिसने आते ही शादी की पहली रात अपने पति को छीन लिया।" पता नहीं और क्या-क्या कहेंगे।

मैं जानती हूँ कि इस तरह की चीज़ें नहीं सोचनी चाहिए, लेकिन क्या करूँ? जब आप किसी का इंतज़ार कर रही हों और वह वापस न आए तो ऐसे ही ख़्याल दिमाग में आते हैं।

मैं अपने पति का इंतज़ार कर ही रही थी कि मेरे फ़ोन पर किसी का कॉल आया। मेरा फ़ोन दूर पड़ा था, मगर जैसे ही फ़ोन बजा मैंने उसे जल्दी से उठा लिया, यह सोचकर कि कहीं यह मेरे पति का कॉल तो नहीं है। क्या पता वह बताना चाह रहा हो कि उसे देरी होगी या फिर आज उसे इतना ज़रूरी काम है कि वह आ ही नहीं पाएगा। या फिर यह किसी अनजान इंसान का कॉल हो सकता है जो यह बताए कि तुम्हारे पति का रोड एक्सीडेंट हो गया है। मगर जब मैंने फ़ोन देखा तो यह मेरे पिता का कॉल था।

मेरे पिता, रवि सक्सेना, एक अरबपति हैं। उन्होंने बहुत मेहनत की है अरबपति बनने के लिए। मैं उनकी इकलौती बेटी, आशिका सक्सेना, ख़ुशी से एक अरबपति हूँ। बिना अपने डैड की प्रॉपर्टी के, मैंने 16 साल की उम्र में अपना पहला बिजनेस शुरू कर लिया था और 21 साल के होते-होते बिजनेस की दुनिया में अपनी पहचान बना ली थी। इस वक़्त मैं 23 साल की हूँ और मेरी कुल आय 1.3 अरब डॉलर है। मेरे पिता के पास तो इससे भी ज़्यादा पैसे हैं, लेकिन एक दिन मैं उनकी बराबरी कर लूँगी। एक और चीज़ जो मुझे बतानी है, मेरा हस्बैंड भी एक अरबपति है और उसकी कुल प्रॉपर्टी 2.9 अरब डॉलर है। उसने भी खुद के दम पर अपना सारा साम्राज्य खड़ा किया है। हालाँकि, मैं उससे ज़्यादा पीछे नहीं हूँ, और अगर सही से काम करती रही तो उसे पीछे छोड़ दूँगी।

"तुम अपना वादा भूल तो नहीं रही हो ना? तुम्हारे पास पूरा एक साल है। अगर तुमने 1 साल में अपना वादा पूरा नहीं किया तो भूल जाना तुम्हें कुछ भी मिलने वाला है। मैं फिर सारी प्रॉपर्टी तुम्हारे छोटे भाई को दे दुंगा और तुम्हारे हाथ खाली रह जाएँगे।" कॉल की दूसरी ओर से आवाज़ आई जिसे सुनकर मेरे हाथों की मुट्ठियाँ कस गईं।

यही वह कारण था जिसकी वजह से मेरे दिमाग में इस वक़्त बस एक ही बात थी: 1 साल के अंदर किसी तरह से एक बच्चा पैदा करना। वह बहुत ही मनहूस दिन था जब मैंने अपने पिता से शर्त लगाई थी कि मैं 1 साल के अंदर अपने पति के साथ मिलकर आपको एक बच्चा पैदा करके दिखाऊँगी, और अगर मैंने ऐसा किया तो उनकी सारी प्रॉपर्टी मेरी होगी, और अगर मैं नाकामयाब रही तो फिर वह प्रॉपर्टी का जो चाहें करें। मेरे डैड ने मुझे कहा कि वह सारी प्रॉपर्टी मेरे छोटे भाई के नाम कर देंगे। जो अभी बस 10 साल‌ का है।

मेरी और मेरे पिता की बचपन से कभी भी नहीं बनी। जो चीज़ मुझे चाहिए थी वह मेरे पिता ने कभी नहीं खरीदकर दी और जो चीज़ मुझे नहीं चाहिए वह जबरदस्ती मेरे गले बाँधी, चाहे वह मुझे अच्छी लगे या न लगे। उन्होंने मुझे आज तक एक भी बॉयफ्रेंड नहीं रखने दिया। स्कूल से लेकर कॉलेज तक सब गर्ल्स स्कूल थे, और जब बड़ी हुई तो उन्होंने अपनी देखरेख में ही मुझे काम करने दिया। मेरे ऑफ़िस के स्टाफ़ में भी सिर्फ़ लड़किया हैं और अगर लड़के हैं तो 50 साल से ऊपर की उम्र के, क्योंकि मेरे डैड ने मुझे जवान लड़कों को अच्छे एम्प्लॉई के तौर पर हायर नहीं करने दिया। फिर मेरी सौतेली मां भी मेरे लिए सरदर्द थी।

शादी के मामले में जब बात आई थी तो मेरे डेड कई सारे रिश्ते लेकर आए थे, लेकिन मैंने हर एक रिश्ते को मना कर दिया था क्योंकि मैं जल्दी शादी नहीं करना चाहती थी। जिस तरह से मैं ज़िद्दी हूँ उसी तरह से मेरे पिता भी ज़िद्दी हैं। बार-बार रिश्तों को मना करने की वजह से वह गुस्से में आ गए और उन्होंने मुझे कह दिया कि अगर मैं शादी नहीं करती हूँ तो फिर वह अपनी प्रॉपर्टी का 1% हिस्सा भी मुझे नहीं देंगे। हालाँकि, वैसे तो मुझे उनकी प्रॉपर्टी नहीं चाहिए, लेकिन क्योंकि मैं एक बिजनेस गर्ल हूँ तो उनकी प्रॉपर्टी को ऐसे छोड़ भी नहीं सकती हूँ। इन सबके चलते हमारे बीच में एक सौदा हो गया जिसमें मैं 1 साल के अंदर अपने पति के साथ मिलकर एक बच्चा पैदा करूँगी और जैसे ही यह होगा मेरे पिता सारी प्रॉपर्टी मेरे नाम कर देंगे।

बस एक बच्चा ही तो पैदा करना है, और कुछ नहीं। अगर सिर्फ़ एक बच्चा पैदा करने से मुझे 33 अरब डॉलर की कैश अमाउंट और 50 अरब डॉलर का फ़ैक्ट्री बिजनेस मिल रहा है तो मैं भला क्यों मना करूँगी? इतने सारे पैसों के लिए तो वह मुझे जिसके साथ भी बच्चे को पैदा करने के लिए कहेंगे मैं उसके साथ बच्चा पैदा कर लूँगी।

इस डील के ठीक 3 महीने बाद मेरे पिता मेरे लिए एक और रिश्ता लेकर आ गए थे जिसके लिए मैंने तुरंत हाँ कह दिया था। यहाँ तक कि मैंने उस लड़के की तस्वीर भी नहीं देखी थी जो मेरे पिता मेरे लिए लेकर आए थे। क्योंकि मुझे कोई मतलब नहीं था। मेरे दिमाग में बस एक ही चीज़ थी: लड़का चाहे जो भी हो, मुझ उससे शादी करनी है, बच्चा पैदा करना है और फिर तलाक लेकर मैं अपने रास्ते निकल जाऊँगी और लड़का जो चाहे वह करे।

थोड़े दिनों बाद मुझे पता चला कि लड़के वालों की तरफ़ से हाँ हो गई है। एक बार मैं अपने पिता के साथ उस लड़के से मिलने गई थी। वह एक कैजुअल मीटिंग थी और हमने 5 मिनट से ज़्यादा आपस में बात नहीं की और नंबर शेयर करके अपने-अपने काम में लग गए। फिर अगले 6 महीनों तक हम लोगों ने एक-दूसरे को पाँच बार से ज़्यादा कॉल नहीं किया होगा। अगली मुलाकात सीधे शादी के दिन हुई। शादी के दिन भी मैंने उसे ठीक से नहीं देखा। यहाँ तक कि अगर कोई मेरे पति को बदल भी देता तो भी शायद मैं पहचान नहीं पाती कि यह मेरा वही पति है जिससे मैं शादी करने जा रही हूँ या कोई और है। मैं पागल लड़की हूँ और मुझे पैसों के अलावा कुछ भी दिखाई नहीं देता है। यह बात मैं खुद भी मानती हूँ।

"हाँ, हाँ, मुझे अच्छे से याद है कि मुझे क्या करना है। मुझे समझ में नहीं आ रहा आप इस तरह से कॉल कर-करके मुझे परेशान क्यों कर रहे हैं?" ज़ाहिर है मेरे पति के न आने का गुस्सा मुझे अपने पिता पर ही उतारना था। शुक्र है मैंने अपने पति को यह नहीं बताया कि मेरा पति यहाँ पर नहीं है और शायद मेरी शादी की पहली रात अकेले ही गुज़रने वाली है। तब तो वह पूरी तरह से पागल हो जाते।

मैंने जल्दी से फ़ोन काट दिया क्योंकि इसके अलावा बात करने के लिए कुछ और था ही नहीं। फिर मैंने फ़ोन में कुछ और देखना शुरू कर दिया। रात के 2:00 बजने वाले थे लेकिन अभी भी मेरे पति का कोई नामोनिशान नहीं था। मुझे मेरे कपड़े बोझ लगने लगे थे।

ये ऐसे कपड़े थे जिसमें लड़की अक्सर खूबसूरत लगती है, जितनी होती है उससे भी ज्यादा। वैसे तो किस्मत से मुझे एक अच्छी शक्ल और एक अच्छा फिगर मिला है, की मुझे इन कपड़ों की जरूरत भी नहीं सुंदर दिखने के लिए। मगर फिर भी मैंने इसे पहना हुआ था ताकी मेरा पति जब इन्हें धीरे धीरे उतारे तो वो मुझमें खो‌ जाए।

मगर, सब मुझे बस सपने जैसा ही लग रहा था। क्योंकि की मैं अकेली थी। आख़िरकार, मैं खड़ी हुई और अपना भारी-भरकम गाउन उतार दिया, सिंपल कपड़े पहने और सोने के लिए लेट गई।

अब कौन आधी रात तक जागता रहेगा? ज़रूरी नहीं है कि शादी की पहली रात ही सब कुछ किया जाए, बाकी की रातें भी तो यह सब करने के लिए ख़ाली ही होती हैं। सोते वक़्त फिर से कुछ बुरे ख़्याल मुझे आ रहे थे, मगर ठीक है अब क्या कर सकते हैं। कोई नहीं जानता, मेरा पति इस वक्त कहा है?

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