Wife With Benefits - Chapter 8
अगले कुछ दिनों तक हमारी जिंदगी खुशी के साथ बितती गई। ऑफिस के मामले में मैंने भी कुछ दिनों की छुट्टी ले ली थी और वह भी छुट्टी पर था। सुबह हम एक दूसरे की अपने-अपने कामों में मदद करते थे, कई बार बाहर घूमने चले जाते थे, और रात को उसी रुटीन को फॉलो करते थे जो मैंने यहां पर आने के बाद किया था।
मुझे इस बात से हैरानी हो रही थी, मेरा पति दिखने में उतना भी सीधा-साधा नहीं है जितना यह लगता था। इसके शौक़ कुछ अलग ही थे। एक रात मेरे पति ने मेरी आंखों पर पट्टी बांध दी थी, और मेरे हाथों को बिस्तर से, पता नहीं इसमें क्या अलग था... मगर हां जब आप बीच में छटपटाते हो तो आपके हाथ सही जगह पर नहीं पहुंच पाते, और इससे अलग तरह की फीलिंग क्रिएट होती है।
सब कुछ ठीक चल रहा था, मगर एक दिन सुबह-सुबह 5:00 के करीब, किसी के कॉल आ जाने की वजह से हम दोनों की आंखें खुल गई। मेरे पति ने फोन उठाया, नंबर देखा और फिर उठकर बाहर चला गया। मुझे समझ में नहीं आ रहा था, इतनी सुबह-सुबह किसका कॉल होगा, मैं उठी और थोड़ा सा आगे जाकर उसकी बातों को सुनने की कोशिश की।
यह कॉल उसकी गर्लफ्रेंड का था। उसकी वह गर्लफ्रेंड, जिसे वह बहुत प्यार करता था। इतना कि वह मुझे भी छोड़ने के लिए तैयार था। मैंने उसकी गर्लफ्रेंड को देखा नहीं, लेकिन अगर देखा भी होता, तो इतना मैं यकीन के साथ कह सकती हूं, वह मुझसे सुंदर नहीं होगी। मेरे बाॅडी का हर एक पार्ट परफेक्ट है, मगर इसके बावजूद मेरे पति के लिए उसका प्यार ही सब कुछ है।
मैंने थोड़ा सा आगे जाकर कोशिश की उसकी गर्लफ्रेंड को देखने की, उसने वीडियो कॉल किया था तो मैं उसके चेहरे को देख सकती थी। मैने आगे जाकर देखा तो मुझे एक खूबसूरत बड़ी आंखों वाली लड़की दिखाई थी। उसकी स्कीन व्हाइट टोन की थी। अंडे के शेप जैसा चेहरा थोड़ा फुला हुआ लग रहा था। वह काफी रो चुकी थी। इस वक्त उसके चेहरे पर जो फीलिंग थी, उसे देखकर यही लग रहा था, वह किसी बड़ी प्रॉब्लम में फंसी हुई है। उसके बात करने के टोने और चेहरे की हालत की वजह से, मैंउ इस बात पर ध्यान ही नहीं दिया कि मैं तो यह देखना चाहती थी, वह कितनी खूबसूरतहै।
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