Chapter 131
बेइंतहा <br> <br>"जुनून इश्क़ का" - Chapter 131
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शाम से रात होने को आई थी और अरुण अब तक ऑफिस से वापस नही आया था इसकी फ़िक्र अब उजला के चेहरे पर साफ़ साफ़ नज़र आने लगी थी| वैसे भी आज का ये पहला दिन था जब वह अपनी नाराजगी की वजह से अरुण