Chapter 31
बेइंतहा <br> <br>"जुनून इश्क़ का" - Chapter 31
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अरुण दादा जी को मनोहर दास के घर के बाहर ही बडी और उसके सेवक मोनू के साथ छोड़ देता है| मोनू एक उन्नीस बीस साल का खुशदिल लड़का था जो बडी का बखूबी ख्याल रखता था| बडी भी यहाँ आता अपने ती