Chapter 56
बेइंतहा <br> <br>"जुनून इश्क़ का" - Chapter 56
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जो रात प्यार भरी होनी थी वो आज अंगारों भरी हो गई थी| एक भीषण तूफ़ान सा अरुण के सीने में उमड़ रहा था| वह बेचैनी में अपने सर के बाल खींचते हुए चीख पड़ा पर उसके एकांत में उसके साथ कोई नह