Chapter 30
बेइंतहा <br> <br>"जुनून इश्क़ का" - Chapter 30
Preview mode only. Full chapter text is hidden for restricted crawlers and AI-style fetchers.
भूमि इस वक़्त इतनी खुश थी कि उससे ख़ुशी संभाले नही संभल रही थी| लगा जिसके आने भर की अनुभूति से ही इतना अच्छा लग रहा हो तो जब वह आ जाएगी तो घर सच में खुशियों से भर उठेगा| ये सोचती हुई