Chapter 84
बेइंतहा <br> <br>"जुनून इश्क़ का" - Chapter 84
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अरुण को पता था कि उसने अपने यार का दिल दुखाया है तो अब उसे मनाने खुद ही उसे जाना होगा| वह इस वक़्त उसके नर्सिंग होम में था जहाँ सामने की कुर्सी पर योगेश अपने बगल में बैठे मरीज की सु