Chapter 36
बेइंतहा <br> <br>"जुनून इश्क़ का" - Chapter 36
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थकावट चेहरे से पसीना बनकर टपक रही थी| ऑंखें बोझिल हो चुकी थी| वह देर रात लौटा था| थके कदमो से चलता हुआ अरुण अपने कमरे में पहुंचा| उसका चेहरा सुर्ख अंगार हो रहा था| पूरे दिन के तनाव