Chapter 114
बेइंतहा <br> <br>"जुनून इश्क़ का" - Chapter 114
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योगेश अपने नर्सिंग होम में ही था और जिस वक़्त अरुण वहां पहुंचा वह अपने लगभग मरीज निपटाकर बस बैठा ही था| अरुण सीधे उसके केबिन में हड़बड़ाते आते हुए देखता है कि योगेश आराम से हेडफोन लगा