Chapter 124
बेइंतहा <br> <br>"जुनून इश्क़ का" - Chapter 124
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अरुण के दिल में जो आग लगी थी उसे उजला की ख़ामोशी और भड़का दे रही थी| आने वाले वक़्त में क्या होने को है ये दोनों को ही कहाँ खबर थी| वह तने हुए हाव भाव के साथ सामने की ओर देख रहा था| इ