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Chapter 126

My Toxic Husband - Chapter 126

"तितली को संभालना" ये सबसे मुश्किल काम था। राजनंदिनी के जाने के बाद से सबको यही लगा था की वो संभाल लेंगे पर इतना आसान नहीं था उसे संभालना। परंतु अभी जैसे मीन उसे गार्डन में लेकर खिलाते हुए, खुद भी भाग रही है पीछे, तो उसे ऐसे देख अरमान (हां वही है) जो ऊपर लाइब्रेरी में है फिलहाल बल्कि सबको लग रहा है की वो कंपनी गया है, वो ये देख स्तब्ध सा हो जाता है। उसने कभी नहीं सोचा था की सब कुछ ऐसे बदल जाएगा। उसका गुस्सा, रौब सब तो था ही उसमे पर वो मीन के लिए उसे भी छोड़ने वाला था। उसकी मासूम सी जान थी वो पर सब बदल गया। अब उसके मन में कुछ नही आ रहा है बल्की आ रहा है तो बस नफरत, बदला गुस्सा और ये ही सब उसे और भी ज्यादा बढ़ा रहा है।

पर तभी अरमान का ध्यान अब खिड़की से हट जाता है जब उसके पैरो पर एक बुक ऊपर रैक से आकर गिर जाती है जिसकी वजह से वही फिर अरमान बुक को अपने ऊपर पाकर उठा लेता हैं। लेकिन जब पाता है की वो बूक पर मीन का नाम लिखा हुआ है तो बस उसकी भोहे हैरानी के मारे सिकोड़ सी जाती है और वो तुरंत ही खोल लेता है उस बुक को पर पहले ही पन्ने पर रखी हुई फोटो को देख वो शॉक हो जाता है क्योंकि उसमें कोई और नही बल्की (मीन - अरमान) वो भी जोड़े में और ये ही देख अरमान मूंद लेता है अपनी आंखे और खो सा जाता है उन दिनों में जब ये हुआ था।

फ्लैशबैक,

"लाल साड़ी पहन कर रखो।"

"What.... ये…..ये आप क्या बोल रहे है (अपने आंसुओ को पोंछ) ये मैं नहीं पहन सकती, हम बाद में बात करते है।" वो कहती है।

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