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Chapter 93

My Toxic Husband - Chapter 93

बारिश की वजह से नदी के पानी का बहाव काफी तेज हो गया था और अब भी वही हाल था। पानी अपने पूरे वेग में बह रहा था और उसी में गूंज रही थी राजनंदिनी की आवाज़, जो बचाने के लिए जोर-जोर से चिल्ला रही थी। पानी में आगे की तरफ बहते हुए जो पूरा ही जंगल में ले जाने वाला था और वहां से पहाड़ी के नीचे तो बस.... इस वक्त राजनंदिनी की हालत खराब हो चुकी थी। उसे तैरना आता था, पर पानी इतना तेज था कि उसके हाथ पैर उसे संभाल ही नहीं पाते थे और वो बहना शुरू हो जाती है काफी ज्यादा ही छटपटाहट भरे हाल में। तो वहीं इधर से लियो की आवाज़ भी गूंज रही थी।

इस वक्त उसका हाल तो ऐसा हो गया था जैसे बिन पानी की मछली। वो तो राजनंदिनी को बहते हुए देखकर पानी के बहाव के साथ ही तेज तेज से "मनु-मनु" पुकारते हुए उसके साथ-साथ दौड़ पड़ता है नदी के साइड पर और बार-बार ही राजनंदिनी को तैरने के लिए भी कहने लगता है। तो वहीं राजनंदिनी को तो जैसे कोई होश ही नहीं होता है क्योंकि वो इतनी देर से हाथ पाव मारने के बाद अब खुद को छोड़ देती है। अब उसकी आंखो के सामने सब कुछ ही काफी ज्यादा धुंधला सा घूमने लगता है और खुले आसमान को निहारते हुए मूंद लेती है वो अपनी आँखें और पल भर में ही डूब सी जाती है पानी के अंदर।

ऐसा नही था कि वो बचा नही सकती थी खुद को पर अचानक से ही उसकी हिम्मत ही टूट जाती है कुछ सोच के। आंखे भारी और सारा बदन उसका दर्द के मारे तड़प रहा होता है तो बस इसीलिए वो छोड़ दी खुद को और इधर से लियो चिल्ला उठता है।

वो अब बार बार ही "मनु-मनु" चिल्लाने लगता है पर जब वो कोई रिस्पॉन्स नही देती या दिखना ही बंद हो जाती हैं तब अब इधर से लियो.... "छपाक" से कर ही नदी में कूद जाता है और तैरते हुए ही खोजने लगता है राजनंदिनी को जो अब कही भी नजर नहीं आ रही होती है और इसीलिए अब तो पता नही क्यों अनायास ही लियो के चेहरे का रंग ही उड़ने सा लग जता है और वो गुस्से में ही पानी में तेज से मारते हुए भींच लेता है अपनी मुठ्ठी।

अब उसका चेहरा बहुत ज्यादा ही गुस्से के मारे धधक रहा होता है की कोई देख ले तो बस गया क्योंकि वो तैरते हुए ही चारों तरफ घुर रहा होता है अपनी हरी आंखों से को लाल होने के कगार पर थी। तभी अब उसकी नज़र जाकर अटक सी जाती है नदी के बीच में ही पत्थर के किनारे और वो तेजी से ही तैरते हुए पहुंच जाता है वहां और झट से ही खींच लेता है राजनंदिनी का हाथ पानी के अंदर से और पल भर मे ही उसे लगा लेता है अपने सीने से वो भी कसकर ही क्योंकि लियो जब तैर रहा था तब राजनंदिनी का शरीर पत्थर से टकराकर वही अटक सा गया था तो बस वो... उसने देख लिया और इसके बाद लियो अब तेजी से ही उसे संभालते - तैरते हुए लेकर आ जाता है नदी के किनारे और उसे बेहोश क्योंकि उसकी आंखे बंद है वो उसे इस हाल में लिटा देता है जमीन पर और पुकारने लगता है उसे उठाते हुए पर वो तो अब कोई हरकत ही नहीं कर रही होती है तो लियो पल भर में ही अपना सर उसके सीने के पास रख लेता है जहां सिर्फ सुन्नयता थी तो इसकी वजह से इधर अब लियो के चेहरे का रंग पीला सा पड़ने लगता है और वो लगता है उसे निहारने। लेकिन न.….., नहीं ये वक्त गवाने का नही था तो बस वो उसके सीने पर प्रेस करने लगता है की एक्स्ट्रा पानी निकल जाए, उसकी पीठ को बार बार नीचे करने लगता है की वो खांसे उसपर से सांस भी नहीं आ रही होती है तो लियो अब उसके क़रीब आ जाता है और बीना कुछ सोचे ही जोड़ देता है अपने होंठों को उसके होंठों से ताकि उसे ऑक्सीजन मिले और शुरू हो जाता है उसकी हेल्प करने पर राजनंदिनी को तो जैसे कोई होश ही नहीं है तो वो अब कभी होंठों से तो कभी सीने पे उसके दबाने लगता है और इसी तरह करते हुए फाइनली ही .....राजनंदिनी खांसने लगती है जोर जोर से ही और लियो पलट देता है उसे की ताकि सारा पानी निकल जाए और जब ऐसे ही कुछ देर करते रहते हैं और फाइनली वो सांसे भरने लगती हैं। तब उसी वक्त लियो उसे ऐसे ही हाल में कसकर ही अपने बाहों में भर सीने से लगा लेता है और कहता है।

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