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Chapter 98

My Toxic Husband - Chapter 98

"जयवीर शेखावत"... माफिया वर्ल्ड वो दूसरा शख्स, जिसका नाम सुनते ही लोगों की हड्डियां कांप सी जाती हैं। लोग उसके सामने आने से डरते हैं और अगर कोई गलती से आ भी जाए तो वो वापस उसे नहीं देख पाता। कोई उसकी नज़रों में एक गलती तो कर दे, वो पल भर में ही उसकी जान तक ले लेता है क्योंकि उसे अपने सामने कमजोर लोग नहीं पसंद। सख्त नफरत सी है उसे कमजोर लोगों से जो एक काम नहीं कर सकते। वो उन लोगों को धरती का बोझ समझता है और यही कमी के कारण वो दूसरे नंबर पर है और जो पहले नंबर पर है उसे.... उसे इस स्तर पर देखकर नफ़रत सी होती है। इतनी नफरत कि वो जान लेना चाहता है उसकी, फिर चाहे बाद में भले ही उसे उस स्तर से गिरा दिया जाए। शर्म आती है उसे कि वो उससे नीचे है, वो भी एक मर्द होकर और उसे गंवारा नहीं है कि वो किसी लड़की के नीचे रहे, उसके हिसाब से वो कमजोर होती हैं जिन्हें सिर्फ पैसे देकर खुश किया जा सकता है। पर माफिया वर्ल्ड की जो क्वीन है वो कोई और नहीं बल्कि "राजनंदिनी" है जो ......एक बार सामने वाले शख्स को बस नज़रे उठाकर ही देखे तो उसका काम तमाम। न किसी को पता चलेगा न कोई देख पाएगा। हवा की तरह वो आती है और फिर किसी के पकड़ने से पहले गायब।

हां, इस बार उसे थोड़ा सा झटका लगा है उसे अपने सीक्रेट रूम के खुलासा होने पर। वो पल उसे किसी झटके से कम न था उसके लिए और बस इसीलिए ये ही सब सोचते-सोचते वो बैठी हुई है लियो के चारदीवारी के ऊपर वो भी बिना किसी टेंशन के कि अगर वो गिरेगी तो क्या होगा, पर नहीं.... उसे फिक्र नहीं बल्कि उसकी नजर बस है मैंशन के अंदर की तरफ जहां से वो देखती है कि "मीन काफी मस्ती में ही झूमते हुए" ही वहां से जा रही है तो वो फिर उसे देखने लगती है। लेकिन जब उसे अपने नीचे से किसी की आवाज आती है। तभी राजनंदिनी आवाज सुन झट से ही मुड़ जाती है रोड की तरफ और एक पल के लिए शॉक हो जाती है क्योंकि वहां कोई और नहीं बल्कि "अरमान" था वो भी काफी ज्यादा शुष्क वाले चेहरे से। जिसकी वजह से वही इधर से वो उसे यहां देख फिर अब चारों ही तरफ देखने लगती है और पल भर में ही कूद जाती है इतने ऊपर से और बेफिक्र ही आगे बढ़ते हुए अरमान के सामने आकर खड़ी हो जाती है और गन पॉकेट में रखकर कहती है,

"भाई आप यहां क्या कर रहे हैं इस वक्त?"

"ये सवाल मेरा होना चाहिए तुमसे की तुम यहां क्या कर रही हो (आसपास देखते हुए) चलो मेरे साथ।"

और इतना कहकर अरमान झट से ही उसका हाथ पकड़ उसे खींच लेता है और सीधा ही लेकर आ जाता है कार के पास और तुरंत ही उसे ओपन किए, बैठने का इशारा कर खुद भी ड्राइविंग सीट पर आ जाता है और फिर कार स्टार्ट कर मोड़ लेता है राइट साइड पर तेजी से ही कि उन्हें कुछ समय बाद कश्यप मैंशन दिखना बंद हो जाता है और तब वो फिर कहता है,

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