My Toxic Husband - Chapter 104
एक लड़की जो गुलाबी रंग के नाइट सूट में थी, वह हॉल में इधर-उधर घूम रही थी। वह दिखने में काफ़ी खूबसूरत लग रही थी, पर उसके चेहरे पर काफ़ी सिकन थी। वह अपने एक हाथ को अपने सीने पर रखे हुए बार-बार समय को देख रही थी और अपने होंठों को काट रही थी। तो वहीं बाहर बारिश ने भी अपना वेग पकड़ लिया था और बिजली भी ज़ोरों से तड़क रही थी, जैसे आज रुकने का नाम ही नहीं लेगी। तो वह लड़की अब और भी ज़्यादा परेशान-सी हो जाती है। वह बार-बार ही आगे-पीछे घूमते हुए दरवाजे की तरफ निहार रही थी, जैसे किसी का इंतजार कर रही हो काफ़ी समय से। लेकिन जब कुछ पल बाद भी दरवाजे की तरफ से कोई दस्तक नहीं होती है, तब तो उसका जी काँप-सा जाता है क्योंकि फ़िलहाल अभी रात के 2 बज रहे हैं और आज तक उसे कभी इतनी देर नहीं हुई, तो आज कैसे? ये ही सब सोचते हुए वह लड़की अपने आंसुओं को पोंछ लेती है और आकर बैठ जाती है सोफे के नीचे खुद को खुद की बाहों में सिकोड़े हुए और कहती है,
"आज इन्हे इतनी देर क्यों हो गई, मेरा फ़ोन भी नही उठा रहे हैं।"
और यह कह वह एक बार फिर से समय देखने लगती है और फिर अपने पेट पर हाथ रख कहती है,
"बेबी... आपकों पता है, मैंने आपके बारे में अभी तक आपके पापा को बताया ही नहीं क्योंकि मैं उन्हें सरप्राइज़ देना चाहती हूं पर देखिए (रोते हुए) आज वो अभी तक घर नहीं आए, अगर किसी ने हम पर अटैक कर दिया तो?"
और बस उसका इतना ही कहना था और उसी वक्त धड़ाक से कर खुल जाता है डोर। दरवाजा खुलने की आवाज़ इतनी जोर की थी इधर वह लड़की हड़बड़ाकर ही काँप-सी जाती है, सकपकाते हुए हॉल में अपनी जगह पर और काँपते हुए देखने लगती है सामने, जहाँ पर उसे किसी की बिजली तड़कने की वजह से जो रौशनी आ रही थी उसमें परछाई। वह परछाई काफ़ी लंबी-सी जा रही होती है, जिसे देख वह डर के मारे अपने पेट पर हाथ कस लेती है "जैसे छुपा रही ही" और हकलाते हुए कहती है,
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