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Chapter 114

My Toxic Husband - Chapter 114

मौसम जितना सुहाना था, शाम भी उतनी ही सुहानी थी। अब राजनंदिनी की बातें... वो अब लियो की गोद में थी और उसकी बाहों में खुद को बहुत ज्यादा ही सुरक्षित महसूस कर रही थी और उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी। उसका जिस्म जो दर्द कर रहा था, वो भी जैसे अब गायब सा हो गया था। वो रिलैक्स होकर बातें कर रही थी पर सिर्फ वो ही, क्योंकि लियो चुप था, उसने तो जैसे चुप्पी साध ली थी। तो बस अब राजनंदिनी उसकी तरफ देखने लगती है और कहती है।

"आप मेरी बातों का जवाब नहीं दे रहे हैं, क्यों?"

"क्या जरूरी है?" वो एक ठंडी, शुष्क आवाज में कहता है और वहीं राजनंदिनी चुप हो जाती है तुरंत। सच में, उसे तो समझ ही नहीं आता है कि ये इंसान क्या है। एक पल के लिए उसके साथ ऐसे पेश आएगा कि जैसे वो सब कुछ है उसकी और उसके बिना वो जीवित ही नहीं रह पाएगा और अगले ही पल इतना ज्यादा रूड कि इंसान खुद बात भी ना करना चाहे। तो बस वही सब अब लियो की बात सुन राजनंदिनी को महसूस होने लगता है और वो काट लेती है अपने होंठों को और बस इसी तरह ये शान्ति पसरी रहती है और वही लियो भी कुछ नहीं बोलता है, बल्कि ऐसा लगता है जैसे कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा है उसे और इसी तरह वो दोनों ही आखिरकार पहुंच जाते हैं ऊपर मंदिर में और वहीं राजनंदिनी पहुंचते ही तुरंत ही लियो की गोद से उतर के हो जाती है अलग, जिससे अब लियो उसकी इस हरकत को देखने लगता है पर कुछ कहता नहीं है और फिर बढ़ जाता है उसे आने को कह मंदिर के अंदर की तरफ, जिसकी वजह से इधर से राजनंदिनी भी फिर काफी ही ज्यादा बुझे हुए मन से उसके पीछे-पीछे आ जाती है और वहां अंदर सारी ही पूजा की तैयारी हो चुकी थी। तो बस लियो उसे तुरंत ही लेकर मां दुर्गा के मूर्ति के सामने बैठ जाता है और फिर दोनों ही एक साथ जोड़ लेते है हाथ और शुरू हो जाती है पूजा, पर जब इसी तरह कुछ पल बीत जाते है और आंखे बंद किए हुए लियो को अपने चेहरे पर ऐसा महसूस होने लगता है कि कोई उसे ताक रहा है, तब वो फिर तुरंत ही अपनी आंखे खोल लेता है और देखता है कि राजनंदिनी हाथ जोड़े उसे ही देख रही है तो बोलता है।

"Close your eyes."

"मैंने गॉड जी से आपको मांग लिया है," (काफी ही ज्यादा मासूमियत से पर भावुक हुए) "मैंने कह दिया है कि वो आपको हमेशा खुश रखे और हमेशा आपके साथ रहे, अगर मैं आपके पास न रहूं तब भी, क्योंकि आप मुझे प्यार तो करते नहीं है। आपको बस मैं आपके पास अच्छी लगती हूं और आपको मुझसे बात करना भी नहीं अच्छा लगता है, लेकिन फिर भी मैंने कहा कि आपको हमेशा खुश रखे और मैंने ये भी दुआ किया है, कुछ भी हो जाए आपका साथ कभी न छूटे, क्योंकि.... (पलके झपका के) कुक दीदी ने कहा था कि मुझे भगवान से ये भी कहना है कि आप मेरे जिंदगी की सबसे खूबसूरत हकीकत हो और चाहे कुछ भी हो जाए मुझे आपको नहीं खोना चाहिए कभी, तो बस....... मैंने आपको हमेशा के लिए अपने लिए मांग लिया है..." (उसके कंधे पर टैप कर) "माताजी मेरी विश पूरी कर देंगी ना, पर मैने तो खाना खा लिया था.... मेरा व्रत भी नहीं हुआ पूरा जो कुक दी ने कहा था करने को..........(तुरंत ही खड़े होकर) मैं सॉरी बोल देती हुं"...

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