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Chapter 55

My Toxic Husband - Chapter 55

"आज फिर भाई का कहीं नहीं पता चला," नम आँखों से, "आप कहाँ हैं भैया? हम आपको कहाँ-कहाँ खोजें, हमें समझ नहीं आ रहा है कुछ भी। हम आज सुबह से ही आपके सारे फेवरेट स्पॉट पर जाकर देख चुके हैं पर आप वहाँ कहीं दिख ही नहीं रहे....," बाहर देखते हुए, "आपको पता है भाभी की तबियत कितनी ज्यादा खराब हो चुकी है। अब तो वो बस कमरे में ही घुसी पड़ी रह रही हैं और किसी से बात भी नहीं करतीं। खाने को ले जाती हूँ तो सब कुछ वापस वैसे ही पड़ा हुआ मिलता है," फिर से अपने आंसू पोंछ, "आपका बेबी नहीं रहा ना तो वो डिप्रेस्ड हो चुकी हैं और दिन भर सिर्फ बच्चों की तस्वीरें देखती रहती हैं.... आ.…आप आ जाओ ना भाई, यहां सब बिखर से गए हैं, पापा भी अब बस चुप रहते हैं और मम्मा अकेली ही कंपनी संभाल रही हैं। पता नहीं कहाँ चले गए हैं, आप ..... प्लीज ऐसे नहीं जाते हैं, बताकर जाना चाहिए था ना," गहरी सांस भरकर, "आ....आप बस ठीक रहना जहां भी हो .... ह...हम लोग खोज लेंगे आपको, काविन भैया भी आपको खोज रहे हैं आपकी टीम के साथ... और... ह... हम aaahhhhhhhhh ...."

वो अचानक से अपनी सीट पर हचक्के खाकर आगे होते हुए कहती है और टकरा जाता है उसका माथा सीट पर थोड़ा सा और इसी के साथ गाड़ी भी रुक जाती है बीच रोड पर जहां काफी ट्रैफिक था चारों तरफ और आगे बैठा हुआ ड्राइवर घबराकर कहता है, "मीन बेटा आप ठीक हैं ना?"

हां, ये मीन है कार में और वो ही पीछे सीट पर बैठी हुई सोच रही थी अपने बड़े भैया के बारे में जिसे वो खुद सुबह से खोज रही है। सबने मना किया था उसे की वो न जाए पर मीन... मीन है, एक बार जो तय कर ली वो कहाँ किसी की सुनती है तो बस अभी वो बाहर और अभी अचानक से उसकी कार टकरा गई तो वो भी सीट बेल्ट न पहने की वजह से टकरा गई और इसीलिए अब दर्द करने लगा है उसका माथा और साथ में वहां पर हल्का सा फूल भी गया है पल भर में ही। जिससे वही मीन सीट से टिके अपने आंसुओं को पोंछ लेती है और अनायास ही कहती है, "मान.... हमे चोट लग गई!" पर फिर झटके से ही खोल लेती है अपनी आंखे और यू ही चारो तरफ ताकते हुए कहती है.....

"वो....वो भी तो उस रात के बाद से हमारे पास नहीं आए, क ....क्या हमने उन्हे जोर से मार दिया था," पाउट बना, "पर हमने कहा उन्हे जोर से मारा था, बस किस ही तो दिया था वो भी धीरे धीरे से उनकी तरह राक्षस जैसे थोड़े......पर हमे उनका चेहरा क्यो नही याद है," अपना माथा सहलाते हुए, "हम ही गधी है, एक तो नंबर हटा दी और अब चेहरा भी नहीं याद ......," फिर से माथे पर सहलाते हुए, "अम्मा ...हम क्या बस यू ही सबको खोजने के लिए पैदा हुए है क्या और..."

पर उसका बोलना रुक जाता है जब बाहर से उसे कुछ आवाज़ आनी शुरू हो जाती है जो ड्राइवर की थी वो बाहर देखने की कोशिश करने लगती है पर बाहर कुछ साफ नहीं नजर आ रहा होता है तो मीन अब जो आज लाइट पर्पल रंग के लॉन्ग फ्रॉक शरारे में है जो काफी हल्का सा है उसमे वो आहिस्ते से ही कार से बाहर आ जाती हैं और सीधे ही बिना सामने देखें हुए ड्राइवर से कहती है।

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