My Toxic Husband - Chapter 112
सूर्य अपने चरम पर था और ठंडी हवाओं के झोंके उसका साथ दे रहे थे। सारे जहाँ में चिड़ियों के मधुर गीत का संगीत बज रहा था और वो खुले आसमान में सरगोसी करते हुए झूम रही थीं, एक डाल से दूसरी डाल पर। लेकिन उन्हीं की आवाज़ से अंदर बड़े से बेड पर लेटी हुई राजनंदिनी, जो पूरे ही बेड पर फैल के सो रही थी, वो ऊँघ जाती है। वो चिड़ियों की आवाज़ सुन तुरंत ही अपने कानों को कंबल से बंद करने लगती है, पर आवाज़ तब भी कम नहीं होती है। तब वो तेज़ी से ही "उत्कर्ष जी!" बोल झट से ही बेड पर उठ जाती है और वहीं लियो जो कमरे से बाहर था... वो अब राजनंदिनी की ऐसी आवाज़ सुन तो दौड़कर बल्कि कुछ इस हाल में भागकर आ जाता है जैसे तूफान आ गया हो और वो तुरंत ही उसके सामने खड़े हो जाता है और कहता है,
"WHAT HAPPEN?"
वहीं राजनंदिनी अब बेड पर बैठी होती है। उसका चेहरा झुका हुआ था पर जब वो लियो की आवाज़ सुनती है, तब वो उसकी तरफ ताकने लगती है और फिर पहले उसके भूरे काले बाल जो सेट थे, फिर उसकी हरी आँखें जिसमे वो खो जाती है, उसके बाद वो उसके होंठों को जिस पर रोज ही चूमती है उन्हें बारी-बारी से ताकने लगती है और फिर झट से ही बेड से उठकर अचानक से ही घबराए हुए हाल में वो दौड़ पड़ती है तेज़ी से ही कमरे से बाहर। जिससे वही इधर से लियो उसे ऐसे अचानक से भागते हुए जाते देख तो तेज़ी से ही उसके पीछे दौड़ पड़ता है और आ जाता है बाहर और पाता है की राजनंदिनी कुछ अजीब, काफी ही ज्यादा घबराई हुई हालत में ही बार-बार कभी इधर तो कभी उधर जा रही है और कुछ देख रही है जैसे खोज रही हो तो उसे ऐसे देख लियो दौड़कर ही उसके पीछे आ जाता है और उसे तुरंत ही पकड़ते हुए कहता है,
"क्या हुआ ऐसे क्यों भागी?"
"उत्कर्ष जी वो....वो (काफी ज्यादा डरी, सहमी घबराई.... हर तरह के भाव से) वो.... कल रात या.... यहाँ खून, नहीं (अपना सर पकड़) कल रात यहाँ पर ब्लास्ट हुआ था (गहरी-गहरी सांस भरते हुए) और खून... खून भी था, (चिल्लाते हुए पर नम आंखों से) में....मेरे बाल भी खींचे ...... उत्कर्ष जी 🥺🥺😭.... आ...आपने..."
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