My Toxic Husband - Chapter 110
"जयवीर शेखावत एक जाना माना माफिया गैंग लीडर जो किसी को अपने से ऊपर नहीं समझता। उसके सामने जो भी आ जाए वो जिन्दा नहीं बचता। हर पल चौबीसों घण्टे उसकी आंखो में गुस्सा ऐसे भरा रहता है जैसे वो खुद जलता हुआ आग है और किसी की एक गलती पर ही वो उसे ऐसे गायब कर देता है जैसे वो इंसान इस दुनिया में था ही नहीं। लेकिन वो किसी से थोड़ा कम है और ये ही चीज उसे हर जगह से अंदर ही अंदर काटती है और इसी वजह से वो उसे पाना चाहता है, अपने पास रखना चाहता है और इसीलिए अभी वो खड़ा है एक इंसान के सामने जो कोई और नहीं बल्कि लियोनार्डो कश्यप है जो खुद हाथ फोल्ड किए हुए है। जिससे अब इधर से उसे ऐसे देख जयवीर अपने आदमियों के साथ जो बंदूक लिए हुए थे वो उनके साथ लियो के सामने आ जाता है और कहता है,
"बर्दखुदार आज खुद अपने पैरों से चलकर मेरे सामने आए है (जोर से हंसकर) गजब!"
और ये कह जयवीर लगता है जोर जोर से हंसने तो वही लियो कुछ नहीं कहता है, बल्कि कोई रिएक्शन भी नहीं देता है। बस लगता है सामने ही देखने तब इसकी वजह से वही जयवीर अब हंसना बंद कर देता है और तुरंत ही लियो के सामने बिल्कुल ही सामने आकर खड़े हुए कहता है,
"पूजा करने आया है ना तू (एक कुटिल मुस्कान से) अगर आज रात भर मैं तेरी उस राजनंदिनी की पूजा करू तो वो भी तेरे सामने (जोर से ही) साथियों आज रात का जलवा देखने का मन है क्या, (फिर से हंसकर) राजनंदिनी हुस्न की परी है और उसे चखने के लिए मैं बरसो से बेताब हुए जा रहा हु तो ........सामने से हट वरना कोई नही बचेगा।"
जयवीर ये सारे शब्द काफी ज्यादा ही घिन्नता से कहता है और एक जलील इंसान की तरह लगता है जोर जोर से ही हंसने तो वही एक बार फिर से ही लियो कोई रिएक्शन नही देता है बस उसे देखता है। पर तभी अचानक से ही उसका दिल एक तेजी से दर्द मे उठ पड़ता है, जब वो जयवीर का अगला शब्द सुनता है कि,
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