My Toxic Husband - Chapter 48
"मीन उठिए, ये क्या कोई टाइम है सोने का?"
(कोई जवाब नहीं)
"मीन.... देखिए मेरे पास ज्यादा टाइम नहीं है तो जल्दी उठ जाइए, मैं नीचे जा रही हूँ।"
वो इतना कहती है और फिर अपनी गुलाबी साड़ी में नीचे हॉल की तरफ बढ़ जाती है, क्योंकि ये कोई और नहीं बल्कि दिव्या जी थीं जो मीन के कमरे के सामने आई थीं। सुबह के 11 बज चुके हैं और मीन अब तक नहीं जागी है, तो बस वो उसे उठने को बोल देती हैं और फिर चली जाती हैं। वहीं अंदर रूम में मीन अब अपनी मम्मा के जाने के बाद अलसाते हुए अपनी आंखें खोल लेती है, लेकिन जब सूर्य की रौशनी उसके चेहरे पर पड़ती है, तब वो "उह" कर पल भर के लिए दूसरी तरफ चेहरा कर लेती है और कंबल में सिकोड़ते हुए अपना सर पकड़ लेती है और कहती है,
"Ahh... हमारा सर इतना भड़क क्यों रहा है? (हाथ आगे) कोई पानी दो।"
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