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Chapter 103

My Toxic Husband - Chapter 103

कुछ अंदर से ज्वार-भाटे जैसा महसूस होने लगा है। दिल की धड़कनें अचानक ही तेज़ बढ़ गई हैं और अंदर से ऐसा महसूस होने लगा है जैसे तापमान बढ़ता ही जा रहा है। आज ये तीसरी बार है जब वो मुझ पर हावी हो रही है। उस दिन बारिश में उसकी मस्तियाँ कम नहीं थीं, उसकी मासूमियत कहीं से अच्छी लग रही थी। और फिर नदी में उसे डूबते हुए देख नफ़रत ने जैसे रास्ता ही मोड़ लिया और अब, अब वो मेरे सवाल करने पर मुझे ऐसे देख रही है।

पर मुझे उसकी आँखों में कुछ अलग सा नज़र आ रहा है अब। आज पहली बार अच्छे से ध्यान दिया तो वो सच में ही बहुत ख़ूबसूरत लग रही है।

भूरी आँखें, लाल होंठ और उसके थोड़े ऊपर एक छोटा सा तिल, जो उसकी नाक और होंठों के पास है। मैंने कभी उसे ध्यान से नहीं देखा, पर आज देख रहा हूँ तो वो कुछ अलग दर्द में लग रही है। फिलहाल वो शांति से ही बस मुझे देख रही है, जो अजीब है। परंतु, वो पता नहीं क्यों अब उदास भी लग रही है। मैं क्या पूछूँ उससे? नहीं... I hate her, I don't even know who she is। पर वो अभी मेरे करीब खड़ी, लाल रंग लहंगे के जोड़े में और ज्वैलरी में, वो सच में ही किसी दुल्हन से कम नहीं प्रतीत हो रही है। परंतु उसे यहाँ दुल्हन बनकर आने की क्या ज़रूरत थी? ...ummmm... (अचानक से हड़बड़ाकर) ...no... no, what the hell is this... ये क्या बकवास सोच रहा हूँ तबसे।

"तुम्हें कैसे पता चला कि मैं यहाँ हूँ?" लियो अब अपने सोच को शांत करते हुए उसकी आँखों में ही सीधा ताकते हुए पूछता, वो भी काफ़ी गुस्से वाली आवाज़ में।

जिसकी वजह से वहीं राजनंदिनी उसकी ऐसी आवाज़ सुन उसे फिर से ताकने लगती, बिल्कुल ही काफ़ी शांति से ही। और फिर पल भर में ही छोड़ देती है उसे और अपने दुपट्टे को भी, मतलब बिल्कुल ही मीठी सी आवाज़ में कहती है, "पता था मुझे..."

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