My Toxic Husband - Chapter 80
राजनंदिनी नींद में ही अलसाते हुए बेड पर ऊंघने लगी और फिर आंखे बंद किए हुए ही, पहले खुद को कमर पर पिंच कर लिया, वो भी जोर से और वहां से वो धीरे-धीरे सहलाने लगी अपना माथा और फिर आहिस्ते से ही खोल ली अपनी आंखे, वो भी कई बारी में पलके झपकाते हुए और फिर हौले से ही धीरे-धीरे फिर पूरा ही खोल ली और निहारने लगी अब वो सीलिंग जहां उसने तितलियों वाले झालर लगा रखे थे और फिर उन्हे ताकते हुए वो हल्के से अब दबाने लगी अपना सर भी और फिर "आह" की आवाज निकाल उठ गई बेड पर। उसका सर अब दर्द कर रहा था पर इतना नहीं, लेकिन हो रहा था और अचानक से ही उसे अपने पूरे जिस्म में कुछ अच्छा सा फील हो रहा था। मन अंदर से खुश भी और वजह उसे खुद नहीं पता, लेकिन सर दर्द हो रहा था थोडा सा तो बस वो धम से कर लेट गई वापस से ही बेड पर और मुड़ गई अपने बगल में क्योंकि उसकी नन्ही सी जान उसके पास ही सो रही थी वो भी पाउट बनाते हुए। जिससे वही राजनंदिनी अब एक गहरी सांस भर अपने दर्द को इग्नोर करते हुए उसके बालो में हाथ फेरने लगी और फिर वहां से लगती है उसके पुरे ही चेहरे को निहारने और भारी आवाज में कहती है।
"तितली...... मम्मा को कुछ हो जाए तो आप मौसी के पास रहोगे।"
"ओह दी ये क्या है आपका, रोज सुबह मैं न तंग आ चुकी हुं आपकी इस लाइन से, और आपकों क्या होगा (नाक सिकोड़) कुछ नहीं होगा आपको, ठीक है।"
ये शब्द अब सामने सोफे पर बैठी हुईं नैना कहती है जो रेड कलर के स्लीवलेस फ्रॉक टॉप में और नीचे अफ़गानी उसके मैचिंग प्लाजो में होती है और ट्रे में रख रही होती है जूस, जिसकी वजह से वही इधर राजनंदिनी उसकी आवाज सुन तो अब झटके से ही उठ जाती है और शॉक में देखने लगती है उसे क्योंकि उसे लगा था की वो अकेली है पर अब जब नैना को देखती है .....तब उधर से नैना...... आहिस्ते से ही खडे हुए नींबू जूस के साथ आ जाती है राजनंदिनी के पास और उसे थमाते हुए कहती है।
"कल रात न आपने शायद फिर से ड्रिंक कर लिया था और (थोड़ा रूक के) वो मिस्टर कश्यप आपके जो दोस्त है ......वो ही आपको यहां रूम में सुलाए तो........ अच्छा बस अब आप पी लो ठीक है ......"
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