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Chapter 81

My Toxic Husband - Chapter 81

लियो अब घूर रहा था सामने खड़े पार्थ को और वही पार्थ का भी यही कुछ हाल था। लेकिन जहां पार्थ उसके पास चलते हुए आ रहा था, वहीं लियो का हाथ बंधा हुआ था रस्सी से, वो भी दोनों ही साइड से और वो खड़ा था हाथ फैलाए हुए हाल में उस कमरे के बीच में क्योंकि कल रात अरमान ने कैसे भी करके काफ़ी समय बाद डोर ओपन करवा ही लिया था और लियो को सोते हुए ही हाल में लाकर बांध दिया था, उसे यहां तो बस वो इस हाल में...

लेकिन वहीं इधर से अब पार्थ चलते हुए आ जाता है लियो के सामने और पॉकेट में हाथ डाल काफ़ी ज़्यादा अच्छी आवाज़ में कहता है,

"मुझे समझ नहीं आ रहा है कि आख़िर राजनंदिनी को तुझे यहां पकड़ के रखने की ज़रूरत क्या है... पर ठीक है (हंसकर) तुझे यहां देखकर अच्छा लग रहा है, बाहर जिस तरह से तेरी कंपनी का downfall शुरू हुआ है ना… उससे तू वो देखकर तो बहुत रोने वाला है।"

"Remember that Mr. Whoever are you... No one can take my place (with smirk) Maybe you did forget that who I am... (अपनी हरी आंखों से उसे तीखे अंदाज में देखते हुए) तो जो मेरा है वो मेरा ही रहेगा, चाहे कुछ भी हो, और Yeah... मुझसे ऊंची आवाज़ में बात मत करना कभी या मेरी बात के बीच में कुछ बोलना वरना जिस दिन मेरे हाथ आज़ाद हुए, तुम इस दुनिया से आज़ाद हो जाओगे।" 😡😡

(हिंदी अनुवाद -: "याद रखो तुम जो भी हो....मेरी जगह कोई नही ले सकता (मुस्कुराकर) शायद तुम भूल गए हो की मैं कौन हु....)

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