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Chapter 119

His scarred beauty - Chapter 119

नोट - 😒

Pic credit goes to me 🤍😒

अन्दर रूम में बैठी वो कांप रही होती है और दबोच रही होती है कंबल को  । उसकी सांसे बुरी तरह से फूल चुकी थी और वो है हाफ रही होती है जैसे उसकी सांसे ही अटक जाएंगी की तभी धड़ से ही कमरे का डोर ओपन हो जाता है और सामने से कोई संभालते हुए कदमों से ही आ जाता है अंदर और तुरंत ही उसे गले लगाए हुए सहलाने लगती है उसकी पीठ को और कहती है।

" Shhh...hhhh कनक ...., शांत - शांत सब ठीक है ओके देखो मैं ..... चांद तुम्हारे सामने हु ,कनक ....ये हाफना बंद करो , मैं हु ना "

और ये कहकर चांदनी ( हां वही है ) वो शांत करने लगती कनक को और उसी वक्त घर के सारे लोग भी कनक की आवाज़ सुन हड़बड़ाए हुए हाल में ही आ जाते है अंदर रूम में और देखने लगते है उन दोनो को ही काफी ज्यादा हैरानी से तो वही उधर बेड पर कनक तो उसे कसकर ही पकड़ बैठी हुई थी और भर रही होती है हल्की - हल्की ही सांस । तब मिसेज शेखावत भागकर ही कनक के पास आ जाती है और कहती है।

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