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Chapter 89

His scarred beauty - Chapter 89

एक बार फिर से ही वही माहौल हो गया था जो उस दिन किचन में हुआ था। कमरे में एक अलग सी ही गर्माहट फैल जाती हैं जो बहुत अच्छी थी लेकिन ये गर्माहट उधर बेड पर ज्यादा थी उन दोनो के बीच जहां प्रोफेसर युवराज तारा के साथ साथ कनक को भी अपने बाहों में भरकर सीने से लगाए हुए थे । पल भर में ही वक्त थम सा गया था और साथ में कनक की सांसें भी । वो जिस हाल में थी उसपर तो उसका अब कोई ध्यान ही नही था और वही तारा भी ...अपने पापा को अपने पास पाकर....कनक को छोड़ उसकी तरफ मुस्कुराए हुए निहार रही होती है । वो शायद अब  कुछ ज्यादा ही खुश थी उन दोनो को ऐसे देख। इसीलिए तो अब पल भर में ही उन दोनो के बीच में अपना चेहरा कर लेती है और कहती है।

" पा.... पा "🥰

वही प्रोफेसर युवराज तो शायद कहीं गुम थे। इसीलिए तो उन्हे जैसे अंदाजा ही नही है की वो किसे पकड़े हुए लेकिन अब जब उन्हे तारा के बुलाने की आवाज आती है । तब वो तुरंत ही होश में आए अपनी जान को देखने लगते है पर जैसे ही उनकी नजर ....कनक पर जाती हैं वो भी इस हाल में तब तो वो शॉक के मारे झटके से ही अपना चेहरा  दुसरी तरफ कर लेते हैं । उनके चेहरे पर एक शर्म सी फैल जाती है की वो.... वो कैसे ,ये गलत है ,  लेकिन शायद उन्हे अभी भी ... इसका आभास नही हुआ था की वो अब भी कनक को पकड़े हुए क्योंकि वो दोनो बहुत करीब थे ( एक्चुअल में वो तारा को कह रहे थे मुझे छोड़कर मत जाना )। पंरतु जब उन्हे एक शान्त मय सा और अपनी क़मर पर कुछ दर्द सा महसूस होता है । तब वो अपना चेहरा कनक की तरफ कर लेते हैं जब वो उसे ऐसे देखते है । तब  तो उनकी आंखें शॉक के मारे फैल सी जाती है और वो अपनी जगह पर ही हड़बड़ा उठते पर हट नही पाते है क्योंकि कनक ने उन्हें पकड़ा हुआ था । जिसकी वजह से वो अब आहिस्ते से ही तारा को ....कनक से अलग कर देते है और कनक के गालों पर थपथपाते हुए उसे हल्के - हल्के से मारने लगते है क्योंकी वो सांस रोककर बैठी हुई थीं और अपलक उन्हे निहार रही थी। लेकिन अब जब वो उसे हल्के से गालों पर मारते है तब वो गहरी - गहरी सांस भरते हुए , होश मे आ जाती है पर जब खुद को फिर से ऐसे देखती है तब उसकी  सांसे फिर से ही भारी हो जाती हैं और वो इसी ही बीच में कहती है।

" आ.... आप ह... हम.... हमसे दू.... दूर ह.... टो "।"🥺

और ये कह वो अपना सर  पटक लेती है बेड पर और शुरू हो जाती है हल्के हल्के कांपना, जिसकी वजह से वही तारा जो अब हैरान थी वो उसे ऐसे देख तो पल भर में ही डर जाती है और फिर क्या तेजी से ही उठकर चिपक जाती हैं युवराज से तो वही युवराज तो अब शॉक में खड़े होते है । उनकी आंखें हैरानी  के मारे फैल गई होती है  कनक को  ऐसे देख । चलो माना की कोई भी डर जाए ऐसे पकड़ने पर लेकिन इस तरह की हरकत .... उफ्फ वो अब तो पल भर में ही  कनक को ऐसे देख , तारा को बेड पर बिठा देते है और  तुरंत ही कनक के बगल में खड़े हुए  सहलाना शुरू हो जाते है उसके हाथ और कहते है।

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