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Chapter 9

His scarred beauty - Chapter 9

कनक का रूम,

इधर कनक बेसहाय हालत में बेड पर बैठी हुई थी । कहा वो सुबह से खुश रहने की कोशिश कर रही थी और अचानक से ही ये सब । उसे तो भरोसा नही हो रहा की कल उसके मम्मी  - पापा बाहर इसलिए गए थे की घर आए तो उसे लड़के  के बारे में बता सके की वो आ रहा देखने  । अब अचानक से ही  उसका दिल घबरा रहा था । वो कभी लडका , शादी किसी के लिए तैयार नही है, क्योंकि उसके लिए शादी ......यानी एक बड़ा सा दर्द जो किसी दवा से दूर नही होगा और वो ये दर्द किसी और को नही देना चाहती ।

वो फिलहाल अभी बेड पर बैठ रही होती है तो , कभी फर्श पर घूम रही और जब मन भारी हो जाता तो धम से करके वही फर्श पर बैठ जाती है । जिससे जब सोनिया जी ( जो आ गई थी ) उसे ऐसे देखती है , तब उनका कलेजा जैसे मुंह को आ जाने हो जाता है। इस वक्त कनक ऊपर से नीचे हिली हुई हालत में नजर आ रही थी । पर जब उनकी नजर उसके हाथ पर पड़ती है तो वो " कनक " बोल जोर से  पुकारते हुए जल्दी से अंदर आकर  उसके सामने बैठ जाती है और फटाफट से उसका हाथ कसके पकड़कर । अपनी साड़ी कोने से फाड़ते हुए उसे उसके हाथ में बांध देती है और थोड़ी सख्ती से कहती है ।

" ये क्या है कनक ( रोते हुए ) क्या इतनी नाराज हो गई की खुद को ही तकलीफ पहुंचा रही हो 🥺। ( उसका हाथ चूमते हुए ) ऐसा मत करो , तुम्हे दर्द में देखकर मुझे रोना आता है ।

पर कनक कोई जवाब नही देती है बल्की  निहारने लगती है उपर।  जिससे  सोनिया जी जब उसे अब भी ऐसे शांत बर्फ जैसा देखती है । तब खुद ही वहां से उठकर नम आंखों से ही  फर्स्ट एड किट ड्रावर में से निकाल लाती है और  वापस से उसके पास बैठकर , जल्दी उसके हाथ पर मलहम पट्टी करते हुए भराई हुई आवाज में कहती है।

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