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Chapter 65

His scarred beauty - Chapter 65

लगभग 1- 2 महीने बाद ।

समय कैसे पंख लगाकर गुजरा किसी को पता ही नहीं चला क्योंकि अब महीनों बीत चुके थे । इन बीते महीनो में  उस हरून वाले किस्से को जानने  के बाद की वो था इन सबके पीछे तो अब तक कनक नही उभरी थी । ऐसा नही था की वो बहुत ज्यादा परेशान हो जाती थी पर कुछ था जो उसे अंदर ही अंदर  खखोल रहा था । इसीलिए  वो शांत रह रही थी और साथ में खुद को फिर से एक बार ठीक करने की कोशिश भी । वही इन महीनो में ये भी हुआ  की वो अधिराज के सामने बहुत खुश रहती थी और ध्यान रखा करती थी की वो उसके लिए बेवजह परेशान न रहे और कॉलेज भी हर दिन जाती रही पर अधिराज के साथ ही क्योंकि उस इंसीडेंट के बाद अधिराज ने खुद ही कंपनी में डेली विजिट करना बंद कर दिया । हालांकि ऐसा नहीं था वो अपना काम नहीं देख रहा था बल्की उसका असिस्टेंट हर शाम सारी फाइल्स और डिटेल्स लेकर आता था और साथ में सीसीटीवी फुटेज भी की सब सही चल रहा है या नहीं ।इसीलिए ये जानकर कनक को अच्छा नही लगा था की उसकी वजह से वो इतना परेशान हो रहा है पर अधिराज ने सीधा ही मना कर दिया की उसे कोई प्राब्लम नहीं है । इसी बीच ये भी था की अधिराज जाता तो था उसके साथ पर पढ़ाने के बाद ज्यादातर वो कंपनी के काम में ही लगा रहता था और इसी वजह से कई रात वो अपने मैंशन पर रहा वो भी मजबूरी में क्योंकि कई बार उसके क्लाइंट्स आ जाते थे और कनक ये बात जानने के बाद से  खुश थी वो अपना काम कर रहा है ।वही कॉलेज में उस दिन प्रिंसिपल सर ने जिन स्टूडेंट्स को सस्पेंड किया था उनके पैरेंट्स को इनफॉर्म कर दिया गया था और अब तक वो लोग जेल में ही है हालांकि हरून को कैसे भी करके उसके पिता ने बाहर कर लिया परंतु  कॉलेज वापस नहीं भेजा ....तो वही दूसरी तरफ....कनक का कॉलेज बगेरा भी अच्छा गुजर रहा था और उस दिन के इंसीडेंट के बाद से  प्रोफेसर युवराज ने वापस कनक से बात नही किया मतलब स्टडी से रिलेटेड हो तो चलता था पर उससे उस इंसीडेंट के बारे में कुछ पूछना या ऑफिस में कॉपीज लाना ये सब बंद कर दिया ।  क्योंकि  उन्होंने अनाउंस कर दिया था की स्टूडेंट्स खुद सब लाकर उनके डेस्क  पर सबमिट  करेंगे और उनसे पूरा 3 हाथ की दूरी बनाकर रखेंगे चाहें गर्ल हो या बॉय और इसी बीच एक चीज और हुई और वो ये की .......युवराज की बेटी यानी तारा.…उस रात के बाद से उसकी तो जैसे आदत हो गई थी खिड़की पर आकर बैठने की और इधर कनक भी जाकर अनायास ही बैठ जाती थी  ताकि वो उसपर ध्यान रख सके और क्यो वो तो वही जाने और इसी बिच महीनो के आखिरी में कनक को खबर भी आ गई थी की उसके दादा जी की तबीयत सुधर रही है तो बस ......

आज रात यानी इतने महीनो बाद वो आज अधिराज के साथ घर से बाहर घूमने आई है इस खूबसूरत सी चांदनी रात में रिवर साइड पर

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