His scarred beauty - Chapter 7
इधर कनक का मन एक बार फिर से अशांत हो गया था। इसलिए वो रूम में जाने के बजाए ऊपर छत पर चली आई थी। यहां पर उसे सुकून महसूस होता है । वो हमेशा जब भी अच्छा नही लगता है या तो वो अधिराज से बात करती है या अकेले छत पर निकल आती है ..फिर चाहे कोई भी समय ही क्यों न हो । फिलहाल एक बार फिर से उसका मन दुखी हो गया था जो भी हुआ उसकी वजह से। वो जानती है की तनु उसे बचपन से ही नही पसंद करती है पर वो इतनी भी तो बुरी नही है, वरना अधिराज जो किसी से सीधे मुंह बात तक नही करता है वो कैसे दोस्त बन गया उसका । वो तो हमेशा कहता रहता है की कनक आप अपने नाम की ही तरह सोना और चमकता हुआ चांद हो, जिसे देखकर कोई भी चमक जाए। पर फिर तनु दी मुझसे क्यो नही प्यार करती ? क्या चांद पर दाग लगने की वजह से नफरत करते है ?और ये ही सब कुछ उसके दिमाग में चलता रहता है । जिसकी वजह से वो रेलिंग से टीक जाती है और निहारने लगती है आसपास नजारा जिससे तभी कोई पीछे से उसके कंधे पर हाथ रख देता है ।
वही किसी के हाथ रखने की वजह से वो झटके से मूड जाती है पर सामने मां को देखती है तो हल्का सा मुस्कुराकर कहती है ।
" मैं चली जाऊंगी न तो सब ठीक हो जायेगा , मुझे अच्छा नही लगता जब आप सब ऐसे परेशान होती है तो "।🥺
" अच्छा ( उसे प्यार से चपत लगाकर ) मां कभी अपने बच्चो को परेशान नही करना चाहती है ना ही होती है ठीक ?" वो पूछती है ।
" नहीं मां ...मेरी बात अलग है ( सामने देखते हुए गहरी सांस भरकर ) मां जो भी हुआ क्या उसमें ( भरी आंख से) मेरा दोष था ? क्या उसमे मेरी गलती थी ? प्लीज़ बताओ ना मां " वो रोते हुए ही पूछती है ।🥺
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