His scarred beauty - Chapter 88
घर पर,
कमरे में तनु बेड पर लेटी होती है और कर रही होती है रेस्ट क्योंकि तीन दिन से बुखार है उसे । लेकिन मजाल है की वो चैकअप के लिए जाए। नही..... बस उस दिन के बाद से वो अपने कमरे में ही पड़ी हुई है और इस बात से मां पापा दोनो ही बहुत दुखी है। उन्हे समझ नही आ रहा है की क्या हुआ है और क्यों वो ऐसे शान्त है पर पूछने पर कोई जवाब नही मिलता है। उस दिन के बाद से तो उसने किसी से बात भी नही किया। न कुछ बोल रही है , न हंस रही.... कोई रिएक्शन भी नही, हां बस.... जब भूख लगती है। तब वो उठकर खुद ही खाना लाती है और वही कमरे में खा पीकर सो जाती है। परंतु उसका बुखार नही हो रहा था डाउन बल्कि बढ़ता ही जा रहा था । रात के वक्त उसका टेंपरेचर पूरा हाई हो जाता हैं और दिन में नॉर्मल पर दर्द बहुत होता है उसके जिस्म में।लेकिन उसे कोई फर्क नही पड़ता हैं। इसीलिए अब ... सोनिया मां तुरंत ही उसके कमरे का डोर ओपन कर प्लेट में बेसन की रोटी लिए आ जाती है अंदर कमरे मे और कहती है।
" तुम्हे ये बहुत पसंद है न , तो चलो इसे खाओ फिर हम लोग हॉस्पिटल चलते है।
लेकिन तनु कोई मूव नही करती है , बल्की हिलती भी नही है तो उसे ऐसे देख अब सोनिया जी उसके और पास आ जाती है और उसके सर पर हाथ फेरकर कहती है।
" तनु क्यों जिद करके बैठी हो , शरीर देख रहे हो अपना .........हुआ क्या है , वेद ने कुछ कहा है क्या "?
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