Chapter 68
His scarred beauty - Chapter 68
पिछले भाग में आपने पढ़ा था की कनक ....अधिराज के साथ घर आ जाती है और जब पानी पीकर किचन से बाहर निकलती है ।तभी उसी वक्त डोर पर नॉक होने लगता है । जिसकी वजह से वो आती हू कहकर डोर पर आ जाती है और जैसे ही ओपन करती है । तब उसके कदम हड़बड़ा से जाते हैं।
अब आगे,
कनक की आंखे अब शॉक के मारे फैल सी जाती है और वो अपनी ही जगह पर जम सी जाती है। " जैसे की किसी ने बर्फ रख दिया हो उसपर " और उसकी नजरे उसे ऊपर से नीचे होने लगती है और वो हकलाते हुए कहती है।
" चा.... चांदनी "।,🥺
" कनक" वो मुस्कुराकर ही उसे जवाब देती है
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