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Chapter 41

His scarred beauty - Chapter 41

" तुम.....तुम ऐसा सोच भी कैसे सकती हो , क्या तुम्हे शर्म नही आई ऐसा सोचते हुए ( घूरकर) आज के बाद से अगर तुम्हारी जुबान से मैंने ये शब्द वापस सुन लिए न तो जान ले लुंगी "।😑

" माफ कर दो ना , सुबह से कितनी बार तो माफी मांग चुकी हु और प्लीज़ ये पढ़ा दो " वो प्यार से कहती है।

" मरने वाली हो ना तो पढ़कर क्या करोगी , जाओ मरो "

ये कह वो उस जगह से उठ जाती हैं और चली जाती उससे दूर जिससे वही वो भी उसके पीछे दौड़ पड़ती है।

हां अब अगला दिन आ गया है और अभी हो रहा दोपहर का वक्त । ये दोनो लड़किया कोई और नही बल्कि कनक और चांदनी ही है और कनक को  अब जब से पता लगा है की वो ठीक है । तो बस वो सुबह से ही उससे बात नही कर रही है ।यहां तक की वो मार्केट भी गई थी कुछ चीजे लाने के उस वक्त वो अपने साथ चांदनी को नही ले गई थी । जिससे चांदनी समझ गई कि कनक इतनी आसानी से तो बात करने वाली है नही इसलिए मना रही है वो तबसे । अब जब कनक ये सब कहकर दूर चली जाती है । तब चांदनी भी उसके पीछे पीछे आ जाती हैं और उसके गले लगकर कहती है।

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