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Chapter 117

His scarred beauty - Chapter (116 -2)

जी " वो आंखे बंद किए हुए उनसे टिककर कहती है और छोड़ देती है खुद को रेस्टलेस वाले हाल में उनके ऊपर । जिसकी वजह से वही कनक के ऐसा करने पर अब युवराज के चेहरे पर फिर से ही सुकून भरी मुस्कुराहट आ जाती है और वो एक बार में ही उसकी कमर पर और हाथ कसते हुए खुद भी मूंद लेते है आंखे और बोलते है।

" दिव्या के जाने के बाद मैं बहुत अकेला हो गया था और किसी को भी मुझे ऐसे देखकर बिलकुल भी अच्छा नही लग रहा था तो बस एक दिन मुझे राजस्थान घूमने जाने के लिए बोला गया क्योंकी वो जगह दिव्या की फेवरेट थी और बस उसी जगह आप मुझे दिखी ( उसके गालों पर हाथ रख ) आप और चांदनी चूड़ियां खरीद रहे थे और मैं तारा की कुछ तस्वीरें ले रहा था पर वो …....

( कनक अब झट से ही उनकी तरफ देख )

" Omg 🤍 ह... हमे याद है , हां ..…., एक बेबी भी थी हमारे बगल में और वो हमारी चूड़ियो से खेल रही थी ....एक मिनिट इसका मतलब वो आप और तारा थे 🥺......( पल भर में ही मुंह फुलाए हुए  अचानक से ही उन्हे जोर से मारकर) आ .....आपने हमे उसी वक्त क्यों नही बताया कुछ भी की वो आप थे "।😤

" क्या ( हंसकर उसका हाथ पकड़े हुए ) अच्छा तो क्या आप उस समय मुझे जानती थी "? युवराज उसे देख सवाल करते है ।

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