His scarred beauty - Chapter 21
पिछले भाग मे हमने पढ़ा था की कनक जैसे ही कंपार्टमेंट के अंदर आती है। सामने किसी शख्स को देख हड़बाए हुए चीख निकालकर , अपना संतुलन खो देती हैं। जिससे तभी वो शख्स उसे कमर से पकड़कर गिरने से बचा लेता हैं।
अब आगे ,
कनक ने अपनी आंखे अब कसकर बंद की होती हैं। उसकी सांसें बार बार ऊपर नीचे हो रही होती है और AC में रहने के बाद भी उसके माथे पर कुछ ही पल में पसीना उभर आया था । उसका पूरा जिस्म अचानक से बुरी तरह से अब कांप रहा होता है जिसकी वजह से वो शख्स उसे हैरानी से देखने लगता है और इससे पहले वो कुछ कहता । तभी आस पास के लोग कनक की ऐसी चीख वाली आवाज सुन तेजी से उनकी ओर जाते हैं और पूछने लगते है की " क्या हुआ ...क्या हुआ " । तब अब वही कनक अब इतनी आवाज सुन हल्के से आंखे खोल लेती है पर जब फिर से उस इंसान को देखती है और अपनी कमर पर उसकी उंगलियों के स्पर्श को महसूस करती है । तब झटके से उससे अलग हो जाती है जिसेसे तभी उनके सामने खड़ी एक बूढ़ी औरत उन दोनो को देखकर कहती है ।
" ना जाने क्या होगा इस जमाने ( भुनभुनाए हुए ) इ प्रेम प्रलाप अपनी लुगाई के साथ घर किया करो ..इ रेलगाड़ी है ... अच्छा नही लागत है "।
इतना कहकर वो बूढ़ी औरत सीधे ही वहां से वापस अपनी सीट की तरफ बढ़ जाती है । जिससे वही कनक जो पहले से सदमे में थी वो अब उस बूढ़ी औरत की बात सुनकर हैरानी से आंखे बड़ी बड़ी कर लेती है और कुछ बोलने ही जाती है । तभी बाकी सब लोग अब कुछ न बोलते हुए अब बस उन दोनो को अजीब सी नज़रों से निहारते हुए चले जाते हैं । जिसकी वजह से वही इधर कनक अब अपनी सीट पर आ जाती है और ब्लैंकेट से खुद को ढककर उसे कसकर पकड़े हुए हल्की आवाज में कहती है ।
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