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Chapter 48

His scarred beauty - Chapter 48

" क्या 😐... तू....तुम सच कर रही हो , हे भगवान 😐 कोई मुझे मारो "।

इतना बोल वो सर पकड़कर वही बेड पर धम से कर बैठ जाती है। इस वक्त ये जिसने कहा वो कोइ और नही बल्कि चांदनी है जो अभी कनक ने जो बात कही उसपर वो सर पकड़कर बैठी हुई है । वो लोग कबका ही घर आ चुके है और अभी रात के 9 बज रहे । इस वक्त ये दोनो ही एक साथ अकेली है क्योंकि कल अधिराज की मीटिंग है तो वो अपने स्टडी रूम में अपने काम पर बीजी है और यहां ये दोनो चांद के रूम में बैठी इधर उधर की बाते कर रही है । जिसकी वजह से तभी कनक उसे अधिराज की बात बताती है जॉब वाली तो वो ये सुन चांद को शॉक सा लगता है इसलिए वो ऐसे बैठ जाती है ।पर फिर अगले ही पल उठकर बैठ जाती है और कहती है।

" मैं .....अधिराज को सॉरी बोलकर आती हु , मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई"।"😐

" ओह हो कब से एक ही बार दोहरा रही ( मुंह बनाते हुए ) चल आओ वापस बैठ जाओ " कनक उसका हाथ खींचते हुए कहती है।

" हां यार ( उसके बगल में लेट ) मैं कोई सॉरी नहीं बोल रही ( अपने सर पर चपत लगा ) मैं भी न उल्लू हु.....भाई मेरी गलती थोड़े है, वो अधिराज ही जो मेरी बात सुने और ऐसे रूडली वे में बोले ( मुंह फुलाए ) मैं कोई सॉरी नही बोलने वाली अब तो ..….मुझे क्या मैं चली जाऊंगी , सिलेक्शन होगा तो ठीक वरना कही और देख लूंगी " चांदनी ऊपर देखते हुए कहती है।😑😏

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