TOXIC HUKUM'S BIWI - Chapter 34
फाइनली इशानी का एक्जाम हो चुका था और उसने सच मे बहुत अच्छा किया था । उसे ये भी उम्मीद है कि वो ही जीतेगी क्योंकि उसके हिसाब से उसने बहुत अच्छा किया और करती भी क्यों न आखिर ..... ये मौका उसको पहली बार जो मिला है । अपने पापा के गुजर जाने के बाद से इशानी को राधिका जी ने कही भी पार्टिसिपेट ही नहीं करने देती है बल्कि बस दिन भर खाना बनाना सीखो " ससुराल में क्या करोगी " का ताना देती है । पर इस बार उसने फाइनली कर ही लिया और साथ में वो कलर्स जिसने उसकी ड्राइंग में जान भर दी वो उसकी वज़ह से भी खुश हैं।
ईशानी को वो कलर्स बहुत ज्यादा पसंद आए थे क्योंकि वो काफी स्मूथ थे तो उसने हिसाब से ही यूज किया था और सोच ली थी अभी घर जाते ही वो विक्रांत को ये सब लौटा देगी क्योंकि ये सब उसने ही तो पिछले दिन अपने भाई यानी उसके देवर के हाथों भिजवाया था । खैर ईशानी बहुत हैरान हुई थी जब उसको ये कलर्स मिले थे और सबसे ज्यादा तब जब .... उसके सामने एक खौफ का माहौल हो गया था ।
फ्लैशबैक ,
ईशानी के लिए अनुराग कलर्स वैसे रात में ही लेकर निकला था पर वो उस टाइम वहां जाने के बजाए सुबह गया था और जब पहुंचा था तो उधर इशानी अपने गार्डन की सफाई कर रही थी । गार्डन में तरह - तरह के फुल थे पर साथ में बहुत सारा कचरा भी " जैसे जान बूझकर फैलाया हो " । एक तो हवा भी चल रही थी तो जितना इशानी साफ करती वो पत्ते फिर से उड़कर ही वहां आ जा रहे थे तो बस वो उसका काम बढ़ा रहे थे। और जब इधर खड़ा अनुराग .... इशानी को ऐसे देखता है । तब उसे एक पल भी समझते देर नहीं लगती है कि कोई और नहीं बल्कि उसकी भाभी है । पर उसे इस तरह से काम करते देख उसे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था इसीलिए वो अंदर जाने के बजाए सीधे ही उसके पास आ गया था और कहता है ,
" भाभी "...
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