Welcome back, Story Creator!

Keep writing amazing stories. Your readers are waiting, Creator.

Chapter 32

TOXIC HUKUM'S BIWI - Chapter 32

" कमरे में क्या कर रहे थे दोनों के दोनों , माना कि रिश्ता तय हो गया है वो भी इतनी अमीर बंदे से पर तुम्हे एक बात बता देती हु मै । उसे तुम नहीं तुम्हारी बॉडी चाहिए ठीक है । इसीलिए तो देखो फिर से पैसे देकर गया है ( हंसते हुए ) ज्यादा खुश मत होना कि वो तुझसे इसीलिए शादी कर रहा है क्योंकि पसंद करता है पर सच बताऊं ( बेड पर लेटकर) जैसे ये रूम मैने यूज करके छोड़ दिया है उसी तरह वो राजकुमार..... तुझे कुछ सालों तक यूज करेगा और जब उसका मन भर जाएगा तब तुझे वो छोड़ देगा कही सड़ने के लिए........😂😂रानी से सीधा नौकरानी पर आ जाएगी जैसे अब भी है "

और ये कहकर वो जोर - जोर से हंसने लगती हैं और फिर से आकर खड़ी हो जाती इशानी के सामने और कहती है ।

" न तो तू सुंदर है , न ही मेरी तरह जीरो फिगर वाली लेकिन तुझे उन्होंने पसंद कर लिया खैर......जो मैने कहा है याद ही रखना वरना तू खुद सोच उसको तो ये बात पता ही है न कि तू प्रेगनेंट थी और ( मुंह पर हाथ रखकर ) hawwww किसी लड़के को क्यों ही पसंद आएगा कि उसके होने वाली बीवी पहले से ही दस जगह मुंह मारती है ....." बेशर्म " हो तुम उसकी नजरों में। लेकिन फिर भी तुझसे वो रिश्ता जोड़ रहा क्योंकि सबने तुम्हारी तस्वीर जो देख ली उसके साथ तो बेचारे क्या ही कर सकते है । आखिर इतने बड़े राजघराने से और तेरे चक्कर में अपनी इज्जत थोड़े गवा सकते है । फिर तूने तो वैसे भी कोई मतलब है नही तो ..... मजे कर जब तक कर सकती है । पर याद दिला देती हु ......" ये पैसे इसीलिए दिए है ताकि तू खुश करती रह उनको , उससे ज्यादा कुछ नही तू उनके लिए और प्यार.... hahahaha प्यार की तो उम्मीद भी मत करना । मैंने वैसा सुना है बहुत टॉक्सिक है ये राजकुमार तो संभल के पता चला..... शादी के बाद तुझे वो बेड पर रखने के बजाय अपने पैरो की जूती समझे।  खैर वो तो तू है ही उनकी नजरों ..... ufffff कैसी गिरी हुई किस्मत है तेरी ।

एक लड़के से मुंह काला करवाया और दूसरा सिर्फ अपनी बॉडी की पूर्ति के लिए तुझसे शादी कर रहा । ( उसका चेहरा थामकर ) सच मे मुझे बहुत ज्यादा बुरा लग रहा है अपनी प्यारी इशानी दीदी के लिए पर क्या ही बोलूं....जो सच है वही तो बता रही हु " तेरी वज़ह से वो बदनाम हुए तो तुझे लगता है क्या की वो तुझसे शादी पसंद की वज़ह से कर रहे है  .... नही मेरी जान....बदला ....पक्का वो बदला लेगा तुझसे अपनी बेइज्जती का और इशानी...सिर्फ एक डॉल की तरह रह जाएगी जिसे वो जब चाहेगा यूज करेगा और छोड़ देगा..

और ये कहकर सृष्टि ( हां वही थी डोर पर ) वो बेड पर से पैसों को नोट उठाकर उसके हाथ में रख देती है और मुट्ठी बंद करते हुए कहती है ।

This chapter is locked

Unlock this chapter with 5 diamonds to continue reading.

Your balance: 0 diamonds
Buy Diamonds
32 / 35
Storymania AI Ready with page context
Context Open the assistant from any page to use that page as context.
AI

Tell me what you are writing. I can help with ideas, outlines, grammar, plot, pacing, and summaries.